🪷 *ओ३म्* 🪷
🏇 *अश्वमेध यज्ञ* 🏇
क्या आप जानते हैं? *अश्वमेध* यज्ञ क्या है? लौकिक संस्कृत में 🐴 अश्व 🐴 का अर्थ घोड़ा छोड़ना समझा जाता है। *महीधर* ने इसका अनर्थ करते हुए यज्ञ में घोड़े की बलि देना लिखा है।
सत्यता यह है कि अश्वमेध शब्द वैदिक संस्कृत में *राष्ट्र यज्ञ* का प्रतीक है।जब राष्ट्र के शीर्षस्थ लोग राष्ट्र को *ज्ञानवान धनवान बलवान व चक्रवर्ती* बनाने के लिए मंत्रणा करते थे और उस मंत्रणा से एक ठोस कानून बनाकर प्रजा में उसकी घोषणा करके क्रियान्वयन करते थे उसी का नाम है 🏇 अश्वमेध यज्ञ 🏇। वर्तमान समय में उसी व्यवस्था का नाम है *लोकतंत्र का महापर्व* जी हां मित्रो! इस समय पूरा भारत देश लोकतंत्र के महापर्व के जश्न में डूबा है।
🌴 *मतदान -महादान*🌴
प्यारे देशवासियों लोकतंत्र के महापर्व में सभी देश वासियों को अपना *आदर्श राजा* चुनने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है। जिसके लिए मतदाता पर कोई 🌸 दबाव 🌸 प्रलोभन 🌸 या निवेदन नहीं होता कि अमुक व्यक्ति को ही राजा बनाना है। प्रत्येक मतदाता अपने *स्वविवेक* का प्रयोग करके अपने मत का प्रयोग करने में पूर्ण रूप से स्वतंत्र होता है।
🌹 *मेरा आदर्श राजा*🌹
मैं भी एक मतदाता हूं। मैं जिसे राजा बनाने के लिए मतदान करने जा रहा हूं उसकी प्राथमिकताएं निम्न हैं।
[१] मैं एक ऐसे राजा के लिए मतदान करने जा रहा हूं जो *प्रजा-वत्सल एवं न्याय कारी* हो।
[२] मैं एक ऐसे राजा को मतदान करुंगा जो देश को *शिक्षा व स्वास्थ्य* निशुल्क दे। राजा व प्रजा दोनों के बच्चे एक ही *पाठशाला* में अध्ययन करें!
[३] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करने जा रहा हूं जो युवाओं को *ब्रह्मचर्य, पुरुषार्थ, ज्ञान -विज्ञान* का प्रशिक्षण दे मगर मुफ्त का राशन व आवास देकर युवा पीढ़ी को आलसी, अकर्मण्य न बनने दें।
[४] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करने जा रहा हूं जो *मातृशक्ति* को पूर्ण सुरक्षा के साथ राष्ट्र की मुख्य धारा में ५०% भागीदारी का नियम बनाए।
[५] मैं एक ऐसे राजा के लिए चिंतन कर रहा हूं जो *शराब,गो-हत्या, आतंकवाद, वैश्यावृत्ति* पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध लगाए।
[६] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करुंगा जो किसानों को *किसानों को राजाओं का राजा* मानकर उनकी फसल की कीमत के लिए किसानों को *उद्योगपतियों* की तरह स्वतंत्र करेगा
[७] मैं एक ऐसा राजा चाहता हूं जो *जो प्रकृति दोहन*को रोककर शत-प्रतिशत पर्यावरण की रक्षा करने का कानून बनायेगा।
[८] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करुंगा जो *मत-पंथ मजहब व सम्प्रदाय* से उठकर केवल *मानवता* को प्राथमिकता दुंगा।
[९] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करुंगा जो *समान नागरिक संहिता* बनाकर सबको *एक राष्ट्र -नेक राष्ट्र* की ओर ले जायेगा।
[१०] मैं एक ऐसे राजा का चुनाव करुंगा जो देश का संविधान देश की 🌻 *भारतीय संस्कृति -सभ्यता-परंपराओ व देश के नागरिकों के हिच को ध्यान में रखकर तैयार करेगा* और *सर्वेभवन्तु सुखिन:* जिसका मूल मंत्र होगा?
📚 *जिज्ञासा -समाधान*📚
आपके मन में ये शंका हो सकती है कि ऐसा राजा कौन है? उसकी पहचान कैसे हो?आज के भारत में ऐसा राजा संभव नहीं है?
इसका समाधान आपके पास है। लोकतंत्र का महापर्व प्रत्येक पांच वर्ष में आता है।आपके मतों से ही राजा का चुनाव होता है। अतः आप स्वविवेक का प्रयोग करें!
। अतः आओ इस बार के लोकतंत्र के महापर्व से इस कार्य का शुभारंभ अवश्य करें!
🦚 *मतदाता अपील*🦚
मैं भारत का नागरिक होने से समस्त भारत वासियों से निवेदन करता हूं कि आप *शत-प्रतिशत मतदान* स्वयं करें और लोगों को प्रेरित करें।जिस राष्ट्र में आपको *सुरक्षा,शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, सुख, शांति, आनन्द* प्राप्त हो रहा है उसके निर्माण में आपका *मतदान एक महादान* है। इसमें अवश्य भाग लें।
🍁 *इतिहास से सीखें*🍁
धार्मिक होते हुए भी जो
अधर्म को मूक बनकर
मात्र निहारे जाते हैं।
भीष्म हों,द्रोण हों या कर्ण,
वो सिर्फ मारे जाते हैं।।
*आचार्य सुरेश जोशी*