आज है बस्ती का जन्मोत्सव,
पर्व समझकर इसे मनाएँ।
बस्ती की गौरव गाथा को,
’वर्मा’ जन-जन तक पहुँचाएँ।
बस्ती का इतिहास पुराना,
सचमुच कितना गौरवशाली।
बस्ती के स्थापना दिवस पर,
जमकर आज बजाओ ताली।
बस्ती की माटी चन्दन है,
इस माटी को शीश लगाए,
आज है बस्ती का जन्मोत्सव,
पर्व समझकर इसे मनाएँ।
अपने बस्ती जनपद का,
इस तिथि पर ही हुआ अवतरण।
बस्ती जनपद सिखलाता है,
पढ़ो प्यार का सदा व्याकरण।
हम बस्ती की कीर्ति पताका,
आओ अम्बर तक फहराएँ।
आज है बस्ती का जन्मोत्सव,
पर्व समझकर इसे मनाएँ।
बस्ती के स्थापना दिवस पर,
खुशियों की बरसात करें।
नफरत दूर भगाकर ’वर्मा’,
प्रेम दया की बात करें।
बस्ती की महिमा है न्यारी,
इसको दिग दिगन्त फैलाएँ।
आज है बस्ती का जन्मोत्सव,
पर्व समझकर इसे मनाएँ।
बस्ती की गौरव गाथा को
’’वर्मा’’ जन-जन तक बहुँचाएँ ।
डा० वी० के० वर्मा
आयुष चिकित्साधिकारी,
जिला चिकित्सालय-बस्ती