नवसस्येष्टि पर्व होली – आचार्य सुरेश जोशी

🌻🌻 ओ३म् 🌻🌻
🦚 नवसस्येष्टि पर्व होली🦚
इस पर्व के अनेक नाम हैं।जिन पर क्रमशः चिंतन हैं।
🌼🌼 बसंती पर्व 🌼🌼
शीत ऋतु की समाप्ति पर बसंत ऋतु आती है। बसंत को🌴ऋतुराज 🌴 कहा जाता है।इसकी महिमा का वर्णन राष्ट्रीय कवि दिनकर करते हैं।
सतरंगी परिधान पहन कर,
नंदिता हुई धरा है।
किसके अभिनंदन में जग का,
आंगन हरा भरा है।।
🏵️🏵️ आषाढ़ी -पर्व 🏵️🏵️
आषाढ़ की फसल को देखकर किसान प्रफुल्लित हो जाता है।इस समय गेहूं,चना,मटर की फसल से किसान की आर्थिक स्थिति एक वर्ष के लिए मजबूत हो जाती हैं।
🔥नव- सस्येष्टि पर्व 🔥
नव का अर्थ 🌴 नया 🌴 सस्येष्टि का अर्थ 🌴न ई फसल🌴 से इष्टि का अर्थ 🌴 यज्ञ🌴 अर्थात् नये अन्नों की यज्ञ में हर्षोल्लास के साथ आहुति देना।
🥝 वैदिक शब्दों के रहस्य 🥝
🌾🌾 प्रहलाद 🌾🌾
प्रह्लाद नाम है किसान का । प्र माने विशेष आह्लाद माने प्रसन्न। अर्थात् अपनी फसल को देखकर बहुत प्रसन्न होने वाले किसान का नाम है प्रह्लाद।
🌾 होलिका दहन 🌾
जिस अन्न को यज्ञ की अग्नि में भूना जाता है उस भूने अन्न को 🌈 होला🌈 और जिस छिलके में वह अन्न रहता है वह छिलका यज्ञ की अग्नि में जल जाता है उसी को🍁 होलिका दहन🍁 कहा जाता है।
🏇 नरसिंह अवतार 🏇
नरसिंह नाम उस मानव का है जो नरों में सिंह की तरह सम्मानित होता है। अर्थात् जितेंद्रिय, महात्मा, परोपकारी समाजसेवी साहसी आर्य पुरुष को 🦁 नरसिंह 🦁 उपाधि जी जाती है।रही बात अवतार की तो 🌿अवतार🌿 का अर्थ होता है मां के गर्भ से धरती पर उतरना।इस प्रकार अवतार जीवात्मा का होता है ईश्वर का नहीं। हिरण्यकश्यप को मारने वाला कोई चमत्कार ईश्वर का नहीं था अपितु इसी महापुरुष ने आतंकवादी हिरण्यकश्यप का वध कर महात्मा प्रह्लाद जी को राजा बनाया।
🪵 आगे की भूमिका 🪵
कालांतर में यह वैदिक अलंकार एक एतिहासिक घटना से मेल खाने लगा तो लोगों ने इस एक काल्पनिक कहानी बना ली और सृष्टि के आदि पर्व 🌾 होलिकोत्सव 🌾 को विकृत कर दिया।उसका इतिहास इस प्रकार है।👇👇👇👇👇
🪨 एतिहासिक घटना 🪨
मध्य काल में भारत में एक स्वयंभू राजा हिरण्यकश्यप हुआ।जो प्रजा को धार्मिक कार्य नहीं करने देता था। ईश्वर की जगह अपने को भगवान बताता था।उसका एक पुत्र था जिसका नाम प्रह्लाद था।उसने अपने पिता का विरोध किया।वह हिरण्यकश्यप की जगह लोगों को भगवान की भक्ति करने की प्रेरणा देता था। किंवदंती है कि वह राम-राम कापी में लिखता था। हिरण्यकश्यप ने उसका स्कूल छुड़ा दिया।उसे पहाड़ से गिराया वह नहीं मरा।
फिर उसने 🦹होलिका 🦹नाम एक स्त्री का सहारा लिया जिसे अग्नि नहीं जला सकती थी।उसने खूब अग्नि जलाई उसमें होलिका को बैठाया उसकी गोद में🧘 प्रह्लाद🧘 को बैठा दिया कि होलिका बच जायेगी और प्रहलाद बच जायेगा। मगर उल्टा हो गया कि 🧘प्रह्लाद 🧘 नहीं मरा और 🦹 होलिका🦹 जल गई।
फिर 🧔हिरण्यकश्यप🧔 ने न ई चाल चली।बीच मैदान में एक लोहे का गर्म खंबा गाड़ा उसमें प्रह्लाद को बांधकर मारने की योजना बनाई। जैंसे ही खंभे में बांधा तब तक खंभे में से भगवान नर 🧔सिंह 🧔का अवतार हुआ अर्थात् 🦁शरीर मनुष्य को और🦁 शिर सिंह🦁 का। उसने हिरण्यकश्यप के अत्याचार से जनता को भय मुक्त किया। जबकि नरसिंह का सही अर्थ हमने ऊपर लिख दिया है कि उस राज्य में नरसिंह नाम का महापुरुष था। कहानी और भी बहुत लंबी है मगर विस्तार भय से हमने संक्षिप्त में लिखा है।आज इसी कहानी को🌼 सृष्टि के आदि पर्व होलिकोत्सव 🌼 से जोड़ दिया। आशा है पाठक होली के सच्चे इतिहास को समझेंगे इसी आशय से हमने सत्य पर प्रकाश डाला है।
🦚 कैसे मनायें होली ?🦚
(१) वैदिक विद्वानों को बुलाकर
ऋतुनुकूल औषधियों को व
गेहूं,चने के अन्न को सामग्री
में मिलाकर सामूहिक हवन
करें।
(२) यज्ञ की अग्नि में अधिक
मात्रा है गेहूं की बालियां।चने
के बूंट को भूनकर निकाल लें
और प्रसाद के रूप में खायें।
इस भूने हुए अन्न को खाने
से वीर्य व शुक्र बढ़ता है।
(३) वैदिक विद्वानों के भजन
व वेद प्रवचन सुनें।
(४) गुलाब व टेसू आदि के सूखे
फूलों से पुरूषों व महिलाएं
भी महिलाओं व बच्चे भी
बच्चों के साथ फूलों की होली
खेलें व सबको होलिकोत्सव
पर्व की शुभकामनाएं दें।
👏 क्या न करें?👏
(१) इस अवसर पर मांग व
शराब न पियें।
(२) कैमिकल युक्त रंगों,पानी
व कीचड़ से होली न खेलें।
(३) भाभी माता के समान होती
हैं उनके साथ भद्दा मजाक न
करें।उन पर रंग पानी न डाल
कर उनके चरण छूकर उनका
आशीर्वाद लें।
(४) पर्यावरण को दूषित न करें
सार्वजनिक स्थल पर प्रशासन
की सहायता से सामूहिक यज्ञ
कर संगठन का परिचय दें।
🌴🌴 अतिविशेष 🌴🌴
🏨 आर्य समाज में यज्ञ 🏨
इस अवसर पर आर्य समाज मंदिरों को सजाया जाए और यज्ञ के उपरांत विद्वानों के व्यायान के साथ होला वितरण करें। अभिवादन व प्रसाद वितरण करें।
🍁🍁 शुभकामनाएं 🍁🍁
आचार्य सुरेश जोशी
वैदिक प्रवक्ता

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