गरीबों को कंबल वितरण और विशाल भंडारे के साथ हुई सात दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के सुप्रसिद्ध संत प्रबल दास जी महाराज का जन्मदिवस उनके शिष्यों और भक्तों द्वारा अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस मांगलिक अवसर पर सेवा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा कार्यों से हुई दिन की शुरुआत जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संत प्रबल दास ने सात दिवसीय विशेष हवन-पूजन अनुष्ठान का विधि-विधान से शुभारंभ किया। इस अवसर को सेवा कार्यों के प्रति समर्पित करते हुए बड़ी संख्या में गरीबों और असहायों के बीच कंबल वितरित किए गए। साथ ही, जरूरतमंदों के लिए भोजन और साधु-संतों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों संतों ने प्रसाद ग्रहण कर अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ निकली भव्य यात्रा जन्मदिवस समारोह के दौरान भक्तों का उत्साह चरम पर रहा। लगभग 2000 से अधिक शिष्यों और समर्थकों ने सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा विद्या कुंड से प्रारंभ होकर हनुमानगढ़ी तक पहुँची। पूरी यात्रा के दौरान वातावरण “जय हनुमान” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान रहा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ऐतिहासिक स्वागत और सम्मान हनुमानगढ़ी पहुँचने पर शिष्यों ने अपने गुरु संत प्रबल दास का भावभीना स्वागत किया। उन्हें कुंदर की विशाल माला पहनाकर सम्मानित किया गया। भक्तों ने उपहार भेंट कर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की मंगल कामना की। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और व्यापक सेवा कार्यों ने इस जन्मोत्सव समारोह को क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।