जागरूता सेमिनार को सम्बोधित करते – आई.जी. रामकृष्ण भारद्वाज

1 जुलाई से लागू होने वाले नये कानूनों का नये सिरे से अध्ययन आवश्यक-आई.जी. रामकृष्ण भारद्वाज

जागरूकता सेमिनार में नये कानूनों की जानकारी पर जोर

बस्ती-  1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले नये कानूनों का नये सिरे से अध्ययन आवश्यक है जिससे उसके बेहतर क्रियान्वयन में सुविधा हो। यह विचार आई.जी. बस्ती परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज ने व्यक्त किया। वे अभियोजन निदेशालय उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा पुलिस लाइन सभागार में आयोजित नवीन धाराओं के क्रियान्वयन के विषय में प्रशिक्षण, सेमिनार, कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।

दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुये आईजी. रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि 1 जुलाई 2024 से नये कानून लागू होने वाले हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में जो परिवर्तन आने वाले हैं उसके लिये अभी से तैयारी कर ली जाय जिससे कानूनोें के क्रियान्वयन में प्रभावशाली उपयोगिता सिद्ध हो सके।

पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि बेहतर पुलिय सेवा के लिये नियम कानूनों की जानकारी होना अति आवश्यक है। 1 जुलाई 2024 से जो परिवर्तन होने वाले हैं इस दिशा में अध्ययन अति आवश्यक है जिससे पुलिसकर्मी और बेहतर ढंग से पीड़ित को न्याय दिला पाने की दिशा में कार्य कर सकें।

सेमिनार में अपर निदेशक अभियोजन राम अचरज चतुर्वेदी, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन बस्ती अशोक कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक अभियोजन सिद्धार्थनगर आर.के. मिश्र, संतकबीर नगर के दयानन्द पटेल आदि ने इस बात पर जोर दिया कि लागू किये जाने वाले नये कानूनों की जानकारी प्राप्त किया जाय । इन अधिनियमों के परिवर्तन होने के पूर्व ऐसे सेमिनार, गोष्ठियां आयोजित की जांय जिससे लोग जागरूक और जानकार बन सके।

सेमिनार में शासकीय अधिवक्ता, सहायक शासकीय अधिवक्ता, थानों के विवेचनाधिकारी, पर्यवेक्षण अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

अपर निदेशक अभियोजन बस्ती परिक्षेत्र रामचरज चतुर्वेदी, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन बस्ती अशोक कुमार त्रिपाठी ने सेमिनार में हिस्सा लेने आये अतिथियों, वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *