या खुदा एक छोटी सी है आरज़ू, कि कयामत तलक मेरा भारत रहे, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,


अनुराग लक्ष्य, 25 जनवरी
मुम्बई संवाददाता ।
,,,,काशी मथुरा ताज और दिल्ली सबपे दिल मेरा कुर्बान,
में एक सच्चा हिन्दुस्तानी, सब कुछ मेरा हिंदुस्तान
सच कहने की आदत मेरी सच ही कहूंगा दुनिया में
विंध्य हिमालय यमुना गंगा सब हैं इस भारत की शान,,,,
यही हमारी पहचान है, और यहीं से शुरू होती है विशाल भारत की गाथा, जिसकी स्मिता और रक्षा किए भारत के वीर सपूतों ने कितनी शहादतें दी हैं। तब जाकर हमें आज़ादी मिली थी।
लेकिन फिर यह प्रश्न उठता है कि क्या हम सच में पूरी तरह आज़ाद हुए या हम आज भी धर्म जाति, हिन्दू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद जैसे विवादों में घिरकर अपनी बेशकीमती आज़ादी को भुला बैठे हैं। जो हमारे विशाल भारत को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। समय तो यही कह रहा है कि हम सब हिंदुस्तानी हैं और हम सभी भारत वासी हैं। लेकिन यह सिर्फ हमारी सोच है या यह हकीकत भी है, क्योंकि,,
यह कैसी आज़ादी बरबादी ही बरबादी, न नौकरी है बेटे की, न बेटे की है शादी ।
घायल है मेरा तिरंगा, रोती है हर पल गंगा, न गंगा की आज़ादी, न जमुना की आज़ादी ।
यह वक्त के पहरेदार, यह तेजधार हथियार ,
न कहने की आज़ादी, न सुनने की आज़ादी ।
इस बदलते परिवेश को आज हम सभी भारतवासियों का यह दायित्व बनता है कि हम इन विसंगतियों से लड़कर एक सुंदर और विशाल भारत का निर्माण करें, जिसमें हर भारतवासी की ज़बान पर यही तराना गूंजे कि,
,, मैं भारत हूं मेरा इतिहास दुनिया में निराला है
मेरे जलवों से ही फैला जहां में यह उजाला है
मुझे हो खौफ क्यों दुश्मन की तोपों और मिसाइल का
हिफाज़त में मेरे अब भी खड़ा मेरा हिमाला है,,
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी इस मुल्क का अदना सा कलमकार, जो अपने मुल्क के ज़र्रे ज़र्रे से प्यार करते हुए आज भी इस पावन धरती को अपनी जान से ज्यादा प्यार करते हुए समस्त देश वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पेश करता हूं, और समस्त देश वासियों से यही कहना चाहता हूं कि,
,,, हाथों में किसी गैर के भारत नहीं देंगे
ताकत है जो हमारी वोह ताकत नहीं देंगे
मरना पड़े सौ बार तो सौ बार मरेंगे
चाहत है जो हमारी वोह चाहत नहीं देंगे,,,,
हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि बड़ी कुर्बानियों के बाद हमारा यह देश स्वतंत्र हुआ था, तब कहीं जाकर आज भारत विश्व में एक सबल राष्ट्र की भूमिका निभा रहा है। हमारा और आपका यह फर्ज़ बनता है कि हम सब भारत वासी मिलकर पूरी दुनिया को प्रेम और एकता का पाठ पढ़ाएं जिससे हमारा भारत फिर एक बार सोने की चिड़ियों वाला देश कहलाए।
,,,,,,, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,,,

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