अंडा क्या शाकाहारी है-आचार्य सुरेश जोशी

💐💐 ओ३म् 💐💐
🪺 अंडा शाकाहारी है?🪺
एक ज्वलंत प्रश्न है यह ! जहां एक ओर युवा शक्ति श्रीराम मंदिर के महोत्सव की तैयारी कर रहा है वहीं एक बहुत बड़ी युवा शक्ति 🪺 अंडे का सेवन🪺 यह कुतर्क करके दे रहा है कि अंडा तो 🍇 शाकाहारी 🍇 भोजन है फल-फूल की तरह!
🏵️🏵️ महद आश्चर्य!🏵️🏵️
आपको यह जानकर भी आश्चर्य होगा कि आज के युग में अंडे,मांस,मछली खाने वालों में सवर्णों की संख्या ८०% प्रतिशत है। भक्तों की संख्या और भी अधिक है।इसकी पहचान होती है 🌻 नवरात्रि के पर्व /छठ पूजा/ दशहरा 🌻 जैंसे त्योहारों पर मीट की बंद दुकानों पर व मांसाहारी की कम बिक्री पर।
जो लोग अपनी जिह्वा के गुलाम बनकर यह कुतर्क देकर अंडे को शाकाहारी बताते हैं और ईमानदारी से सड़कों पर अपनी इज्जत गंवाकर अंडे खाते हैं उन्हें मेरे निम्न वैज्ञानिक विश्लेषण पर एक बार गहन अध्ययन करना जरूरी है। यदि वे खुले मस्तिष्क से इस लेख को पढ़ेंगे तो दावा है कि वो आज व इसी समय से अंडा खाना छोड़ देंगे क्योंकि 🪺 अंडा कभी भी शाकाहारी नहीं होता।
👽 एक निष्पक्ष चिंतन 👽
किसी भी प्राणी के शरीर में चार प्रकार के पदार्थ होते हैं।
[१] वह जो उसके शरीर का
वास्तविक अंग है और
शरीर को शक्ति पहुंचाता हैं।
🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
[२] वह जो विभिन्न मांगों से
मल-मूत्र के रुप में बाहर
निकलता है।
🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
[३] वह जो शरीर में रोग के रूप
में उत्पन्न होती है जिससे इस
शरीर की हानि होती है।
[४] 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
वह जो माता के शरीर में
संतान का शरीर बनाते हैं
जैंसे रज,शुक्र, भ्रूण,अंडा।
🌴🌴 उत्तर दीजिए?🌴🌴
अब अंडा खाना वाले बतायें कि आपका 🪺 शाकाहारी अंडा🪺 किस कोटि में आता है। पहली कोटि में आ नहीं सकता क्योंकि शाकाहारी अंडा मुर्गी के शरीर का अंग है ही नहीं। आपके अनुसार।
चौथी कोटि में भी नहीं आ सकता। क्योंकि वह निर्जीव होने से आप से उत्पन्न न होने के कारण संतान का शरीर है ही नहीं।
अब बची दो कोटियां एक [२] दूसरी ओर [३] तीसरी कोटि। इस प्रकार आपका 🪺शाकाहारी अंडा 🪺 या तो 🐓 मुर्गी के शरीर का मूल है या मुर्गी के शरीर के रोग का अंश🐓 दोनों ही हालात में अंडा अहितकारी है।
🏋️🏋️ सत्य क्या है?🏋️🏋️
सत्यता यह है कि जिनको माता पिता, मित्र, संबंधियों या ग़लत माहौल से 🪺 अंडे 🐓🦌 🐟 🦢 🦚 🐰 🐮 🐐 खाने का चस्का लग गया है वो उचित/अनुचित का विचार न करके नये -नये बहाने निकालते रहते हैं।
🌼🌼 वेद विज्ञान 🌼🌼
[१] संसार के समस्त जड़-चेतन
पदार्थों का बीज केवल एक
ईश्वर ही बना सकता है।
कोई वैज्ञानिक भी नहीं बना
सकता। हां ईश्वर के बनाये
मूल बीज से नकली बीज
वैज्ञानिक बना सकते हैं।
[२] कारण के बिना कभी भी
कोई कार्य नहीं होता है यह
अकाट्य नियम है। अतः भूख
को मानव की कंद,मूल,फल
से ही मिट जाती है। अतः 🪺
अंडे 🪺 आदि मांसाहार
का प्रयोग पशु-प्रवृत्ति को व
भोग विलासिता के लिए
ही लोग करते हैं।
🌲🌲🌲 जिज्ञासा 🌲🌲🌲
क्षत्रिय मांस खा सकता है?
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
नहीं। क्षत्रिय रक्षक को कहते हैं भक्षक को नहीं।🏋️ क्षत्रात् त्रायते से क्षत्रिय: 🏋️ अर्थात् जो
प्राणियों की दुख से रक्षा करें वो
क्षत्रिय है।
🌲🌲🌲 जिज्ञासा 🌲🌲🌲
अंडा, मुर्गी,बकरा,मछली यदि नहीं खाना तो उनका शरीर बनाया ही क्यों है?
🍁🍁 समाधान 🍁🍁
उसी काम के लिए जिसके लिए आपका शरीर बना है।आपकी आंख,नाक, ज़बान किसलिए बनी है? इसका उत्तर है देखने, सूंघने, चखने व सुनने के लिए।आपके शरीर के अन्य अंग,रक्त,मांस,मज्जा आदि क्यों बने हैं? उत्तर! शरीर में शक्ति उत्पन्न करने के लिए ।बकरे की जीभ आदमी के खाने के लिए नहीं बनी है वह उसके द्वारा अपने ही शरीर की पूर्ति करता है।
मच्छरों से पूछो वो आपको सोने क्यों नहीं देते?आपने दूध मलाई खाकर जो खून अपने शरीर में बनाया वो अपने लिए बनाया या खटमलों व मच्छरों के लिए? यदि यह सोच आप में पैदा है जाए कि जैंसे आप चाहते हो कोई आपको पीड़ा न पहुंचाए वैसे आप भी किसी को पीड़ा न पहुंचाए यही 🧘श्रीराम जी🧘 की📙 धर्म प्रतिष्ठा 📙 है इसे 🪷प्राण प्रतिष्ठा🪷 करने वाले नहीं समझेंगे ।
🌸 ईश्वर देख रहा है 🌸
इतना तो आप जानते ही होंगे कर्मों का फल अवश्य मिलता है। यदि आपने अकारण किसी को रुलाया।सताया है तो तैयार रहिए अब आपकी बारी है कि आपका बोया बीज आपको 🌻 मूलधन+चक्रवृध्दि व्याज 🌻 सहित कर्म फल देने के लिए तैयार है।
🦌🦌 अंतिम संदेश 🦌🦌
जीव न मारो बापुरो,
सबका एक ही प्राण।
हत्या कबहुं न टरिहै,
कोटिन सुनो पुराण ।।
आचार्य सुरेश जोशी
🏵️ वैदिक प्रवक्ता 🏵️
आर्यावर्त साधना सदन पटेल नगर दशहराबाग बाराबंकी उत्तर प्रदेश ☎️ 7985414636☎️

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