भक्त बन कर जब सब काम बनता हो

भक्त बन कर जब सब काम बनता हो,
तो भक्त बनने में आखिर क्या बुराई हैं।

राम के भक्त सारी दुनियाँ में मिलते हो तो,
भक्त कहलाने की परम्परा निभाई हैं।

जिधर की हवा बहे उधर बह जाने में,
आज के समय में नहीं कोई बुराई हैं।

आज के समय में काम जहाँ भी बन जाए,
वहीं रहने में ही भुलक्कड़ अच्छाई हैं।

भुलक्कड़ बनारसी

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