कटे होंठ व तालू से पीड़ित 36 बच्चे ऑपरेशन के लिए लखनऊ रेफर
सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने किया शिविर का उद्घाटन
बहराइच 08 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और स्माइल ट्रेन संस्था (सिप्स हॉस्पिटल, लखनऊ) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में निरूशुल्क जांच व पंजीकरण शिविर आयोजित हुआ। शिविर का उद्घाटन सांसद डॉ. आनंद कुमार गौड़ व सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने किया।
शिविर में कुल 87 बच्चों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 55 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। इनमें से 36 बच्चों को मौके से ही संस्था की बस से सिप्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ भेजा गया। शेष बच्चों को शीघ्र भेजा जाएगा। चयनित बच्चों के इलाज, रहने व खाने-पीने की व्यवस्था पूरी तरह निरूशुल्क रहेगी।
सांसद डॉ. आनंद कुमार गौड़ ने कहा कि आरबीएसके योजना गरीब और असहाय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की है और बताया कि कार्यक्रम का जनपद में सफल संचालन प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ मोहम्मद आमीन खान द्वारा कराया जा रहा है।
एसीएमओ डॉ. संतोष राणा ने बताया कि जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) के माध्यम से कटे होंठ-तालू, दिल में छेद, कम सुनना, अस्थि रोग व क्लब फुट (पैर टेढ़े होना) जैसी करीब 42 प्रकार की जन्मजात बीमारियों का निरूशुल्क इलाज कराया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान पोषण (विशेषकर फोलिक एसिड व आयरन) की कमी, बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयों का सेवन, संक्रमण, अत्यधिक तनाव, नशा अथवा आनुवंशिक कारण बच्चों में जन्मजात विकृतियों की मुख्य वजह बनते हैं। समय पर जांच और उचित देखभाल से इनसे काफी हद तक बचाव संभव है।
डीईआईसी व आरबीएसके प्रभारी राकेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 6 सप्ताह से 6 वर्ष तक के बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर तथा 6 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों का स्कूलों में मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके अलावा प्रसव केंद्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ और अन्य नवजात बच्चों का गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर समस्याओं की पहचान की जा रही है।
सिप्स अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. रितेश पुरवार ने बताया कि कटे होंठ के ऑपरेशन के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 4 से 6 माह व वजन 5 किग्रा, जबकि कटे तालू के लिए उम्र 9 से 12 माह व वजन 7 किग्रा होना जरूरी है। पूर्व में कराए गए ऑपरेशन से असंतुष्ट मरीज भी दोबारा लाभ ले सकते हैं।
इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले कर्मियोंकृडॉ. विकास द्विवेदी, डॉ. नरगिस सिद्दीकी और डॉ. जुबैर अहमद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. मोहम्मद आमीन खान (संपर्करू 9984550786, 9235435014), मनु श्रीवास्तव व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
:ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः