महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या समाजवादी पार्टी महानगर कार्यालय गुलाबबाड़ी में मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान समारोह एवं शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद धर्मेंद्र यादव और विशिष्ट अतिथि शिक्षक सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एस.पी. सिंह पटेल तथा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र प्रसाद मिश्रा रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दान बहादुर सिंह ने की और संचालन जिला महासचिव डॉ. घनश्याम यादव ने किया। मुख्य अतिथि सांसद धर्मेंद्र यादव के महानगर पहुंचने पर जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। मसौधा ब्लॉक, हाशापुर लक्ष्मी कोल्ड स्टोर, दिशा कोचिंग, होटल पंचवटी, मनुचा कोठी, कोहिनूर पैलेस और रीडगंज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
पार्टी कार्यालय पहुंचने के बाद मुख्य अतिथि सांसद धर्मेंद्र यादव और कार्यक्रम के संस्थापक व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ‘पवन’ ने समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा चुने गए पांच शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के नाम से यह कार्यक्रम वर्ष 2012 से लगातार आयोजित हो रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नेताजी ने अपने कार्यकाल में शिक्षकों के हितों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए, जिसमें यूपी बोर्ड में सीबीएसई के बराबर कॉपियों के मूल्यांकन का पारिश्रमिक देना भी शामिल है।
कार्यक्रम के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ‘पवन’ ने कहा कि नेताजी ने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की और मृतक आश्रितों को योग्यता के आधार पर नौकरी की सौगात दी। पेंशन और ट्रेजरी से समय पर वेतन मिलने की व्यवस्था भी नेताजी की ही देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भाजपा सरकार नौकरियां खत्म कर युवाओं को आउटसोर्सिंग पर काम करने के लिए विवश कर रही है और हक मांगने वालों पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज का शिक्षित समाज और जागरूक युवा 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का संकल्प ले चुका है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव, पूर्व विधायक अब्बास अली जैदी, हाजी फिरोज खान गब्बर, महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, पारसनाथ यादव, हामिद जाफर मीसम, चौधरी श्रीचंद यादव, प्रवक्ता राकेश यादव, राम अचल यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शिक्षकगण मौजूद रहे।