महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 26 जुलाई। मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान के तत्वावधान में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम स्थित विवेक सृष्टि (रामसेवकपुरम, रामघाट) में 25–26 जुलाई 2026 को दो दिवसीय ‘लोकव्यवस्था जागरण अभियान’ के अंतर्गत ज्ञान केंद्र प्रांतीय अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में देश के लगभग 10 राज्यों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ज्ञान केंद्रों के संचालकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य और सहभागिता अधिवेशन का प्रमुख उद्देश्य देशभर में ज्ञान केंद्रों की स्थापना, सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर जनजागरण तथा “तंत्र-मुक्त, संविधान-युक्त समाज एवं व्यवस्था” की अवधारणा के प्रति समाज में समझ विकसित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन श्री बृजेश राय एवं श्री ज्ञानेंद्र आर्य ने किया। इस अवसर पर ज्ञान यज्ञ परिवार के संरक्षक माननीय श्री कन्हैया लाल अग्रवाल और प्रमुख श्री मोहन गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मेरठ श्री नरेंद्र रघुनाथ सिंह सुल्तानपुर संजय तिवारी पटना श्री विपुल आदर्श
नालंदा दीपक झारखंड संतोष माखरिया ओडिशा सुवेंदु महापात्र
कर्नाटक एम. एच. पाटिलमहाराष्ट्र डॉ. प्रकाश किरकिरे हैदराबाद के. वीरा स्वामी बक्सर आचार्य धर्मेंद्र
संभल बहादुर सिंह वैचारिक सत्र एवं प्रमुख उद्बोधन विभिन्न वैचारिक और संगठनात्मक सत्रों में वक्ताओं ने अपने विचार रखे
ओमपाल सिंह एवं बहादुर सिंह ने बजरंग मुनि जी के जीवन, व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डाला। ज्ञानेंद्र आर्य ने ज्ञान केंद्रों की स्थापना, उनकी आवश्यकता एवं कार्यपद्धति पर विस्तार से चर्चा की। अभिशेष अज्ञानी ने ‘निर्दलीय लोकतंत्र’ और श्री जे. पी. सिंह ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।इसके अलावा, समाज विज्ञानी श्री बृजेश राय द्वारा रचित संविधान एवं समाजशास्त्र विषयक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया, जो समाज, संविधान और व्यवस्था परिवर्तन के संबंधों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा अधिवेशन के दूसरे दिन केंद्रीय कार्यकारिणी ने विभिन्न प्रांतों की बैठकें आयोजित कर आगामी कार्ययोजना तय की 26–27 सितंबर 2026: रांची में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा का संयुक्त प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। दिसंबर मध्य 2026: राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश का संयुक्त प्रांतीय अधिवेशन उदयपुर अथवा उज्जैन में आयोजित होगा। समापन सत्र एवं मार्गदर्शन अंतिम सत्र की अध्यक्षता आचार्य धर्मेंद्र ने की, जबकि पूरे अधिवेशन की अध्यक्षता रामानुजगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री आर. के. पटेल ने संभाली। समापन सत्र में बचपन एवं समाज के प्रेरणास्रोत बजरंग मुनि जी ने रायपुर स्थित अपने कार्यालय से ज़ूम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने ज्ञान केंद्रों को समाज में वैचारिक जागरण, संवाद और लोकव्यवस्था के पुनर्निर्माण का प्रभावी माध्यम बताया तथा कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक ज्ञान केंद्र स्थापित करने का आह्वान किया। अंत में आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को गति देने का संकल्प लिया।