बोले- भक्तों को दुख पहुंचा है, लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी होगा; विपक्ष पर चुनावी लाभ के लिए मुद्दा उछालने का आरोप
अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में संत समाज की ओर कंचन भवन के महंत अजय दास ने कहा संयम बरतने की अपील की गई है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोप लगना और आरोप सिद्ध होना दोनों अलग-अलग बातें हैं तथा समय आने पर सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस घटना से रामभक्तों को दुख जरूर पहुंचा है, लेकिन जांच के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उनका कहना था कि यदि कर्मचारियों की ओर से कोई गड़बड़ी नहीं हुई होती तो मामला इतना बड़ा नहीं बनता।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर उठ रहे सवालों के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार में यदि कोई सदस्य गलती करता है तो उसकी जिम्मेदारी का प्रश्न अभिभावकों तक भी पहुंचता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय सहित ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने अपना पूरा जीवन धर्म सेवा में लगाया है और इस घटना के बहाने हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी।
संत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर और अयोध्या के विरोधी इस मामले का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि वर्ष 2027 के चुनाव को देखते हुए विपक्ष इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, लेकिन इससे उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि सनातन समाज जागरूक है।
एसआईटी के गठन पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, लेकिन जांच निष्पक्ष तरीके से हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी बुलाने का उद्देश्य ही जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाना है। चंपत राय को क्लीन चिट देने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम किसी को क्लीन चिट देने के अधिकारी नहीं हैं। समय आने पर सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।”