कांति कुबेर अस्पताल में निशुल्क एचआईवी व सिफलिस जांच शिविर का आयोजन, 29 की हुई जांच

कांति कुबेर अस्पताल में निशुल्क एचआईवी व सिफलिस जांच शिविर का आयोजन, 29 की हुई जांच

-टीआई शरणम् संस्थान और आईसीटीसी के सहयोग से लगाया गया शिविर

-जिले के 18 हाई बर्डन निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में 22 मई तक चलेगा अभियान

बहराइच 19 मई 2026: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) भारत सरकार के ‘प्रथम 95’ लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को गोंडा रोड स्थित कांति कुबेर अस्पताल में निशुल्क एचआईवी व सिफलिस जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। टीआई शरणम् संस्थान और आईसीटीसी टीम के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 29 लोगों की जांच की गई, राहत की बात यह रही कि सभी की रिपोर्ट सामान्य (नॉन-रिएक्टिव) आई।

शिविर में टीआई शरणम् संस्थान के परियोजना प्रबंधक संदीप कुमार सिंह ने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और सही इलाज से संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी नियमित दवाओं के सेवन और आवश्यक सावधानियों के साथ एक सामान्य व स्वस्थ जीवन जी सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे बिना किसी डर या संकोच के अपनी जांच अवश्य कराएं।

इस दौरान आईसीटीसी पयागपुर की परामर्शदात्री संगीता पाठक ने लाभार्थियों को पूरी गोपनीयता के साथ व्यक्तिगत परामर्श दिया। उन्होंने संक्रमण के लक्षण, कारण और सुरक्षित व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, आईसीटीसी नानपारा की लैब टेक्नीशियन वैशाली मौर्या ने स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप पूरी गोपनीयता बरतते हुए मरीजों के रक्त के नमूने लिए। शिविर में आए लोगों को यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों और आईसीटीसी केंद्रों पर एचआईवी व सिफलिस की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क हैं।

22 मई तक चलेगा जागरूकता व जांच अभियान-

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने बताया कि नाको के निर्देशानुसार जिले में चिन्हित निजी हाई बर्डन हॉस्पिटल एवं सेक्स क्लीनिकों में एचआईवी/सिफलिस जांच व जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले में कुल 18 निजी हाई बर्डन अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 2 सेक्स क्लीनिक भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसका माइक्रो प्लान तैयार कर लिया है, जिसके तहत 22 मई तक इन सभी संस्थानों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को समय पर जांच, परामर्श और उपचार से जोड़ना है।