अंशकालिक अनुदेशकों का बढ़ा मानदेय, अप्रैल से मिलेंगे 17 हजार रुपये प्रतिमाह : केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज/लखनऊ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए संकल्पित है और उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह से अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, साथ ही उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ भी मिलेगा।उपमुख्यमंत्री रविवार को प्रयागराज के जिला पंचायत सभागार में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी जिला पंचायत सभागार में दिखाया गया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ 23 अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों द्वारा बनाई गई चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा के बिना राष्ट्र की उन्नति संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब देश शिक्षित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित भारत के निर्माण में अंशकालिक अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अभिभावक सरकारी विद्यालयों में बच्चों को भेजने से हिचकिचाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। अब स्मार्ट क्लास सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अभिभावकों का भरोसा सरकारी विद्यालयों की ओर बढ़ा है।उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर रही हैं। प्रदेश सरकार शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में पारदर्शिता के साथ बिना किसी भेदभाव के कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं तथा प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण बड़े उद्योगपति निवेश कर रहे हैं।ऊर्जा संरक्षण पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख किया और लोगों से अनावश्यक बिजली उपयोग न करने, बिजली बचाने तथा पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के दौर में राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत और स्वच्छता जैसे अभियानों से जुड़ना समय की आवश्यकता है।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अंशकालिक अनुदेशक उपस्थित रहे।