
विख्यात कवयित्री कविता किरण का हुआ सारस्वत सम्मान, काव्य गोष्ठी में बिखरे जीवन के विविध रंग
उज्जैन। प्रख्यात कवयित्री कविता किरण की सृजन यात्रा विविधरंगी है। वे एक ऐसी रचनाकार हैं जो अपने शब्दों के माध्यम से प्रेम और मानवीयता के संसार को जीवंत रखने का प्रयास कर रही हैं। कवयित्री ने स्त्री अस्मिता, समाज की अपेक्षाओं और संघर्षों को अपनी कविताओं में बहुत गहराई से पिरोया है। ये उद्गार अध्यक्षीय उद्बोधन में सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्रकुमार शर्मा ने ‘डाॅ देवेन्द्र जोशी साहित्य विमर्श परिषद ‘ द्वारा आयोजित सारस्वत सम्मान एवं कवि गोष्ठी के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कविता किरण ने जीवन के विभिन्न पहलुओं को गहरी संवेदनशीलता के साथ जीवन्त किया है। उन्होंने जीवन के कई रंगों की रसात्मक अभिव्यक्ति की है। वे संघर्षों से भरे जीवन को एक मीठी झील में बदलने की शक्ति रखती हैं। उनकी रचनाएं केवल शब्द नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदना और मानवीय आस्था का प्रतीक हैं।
सारस्वत अतिथि डॉ. कविता किरण ने अपने उद्बोधन में कहा कि ये मायने नहीं रखता कि काव्य पाठ का मंच किस प्रकार का है। मंच और बैनर तो सुधी काव्य रसिकजनों, विद्वानों और अत्यंत आत्मीयजनों से बड़ा बनता है । ये मंच और ये बैनर डाॅ. देवेन्द्र जोशी की कर्म भूमि से अपने आप ऊँचाइयाँ प्रदान कर रहा है। स्वागत उध्बोधन में डाॅ देवेन्द्र जोशी साहित्य विमर्श परिषद की अध्यक्ष सीमा देवेन्द्र ने बताया कि यहां कई स्वनामधन्य जनों के चरण पड़ते रहे हैं।
डाॅ.कविता किरण का सारस्वत सम्मान कर सभी गौरवान्वित हुए। उन्हें सभी साहित्यकारों की उपस्थिति में डाॅ देवेन्द्र जोशी स्मृति शब्द सम्मान से सम्मानित किया गया ।
मुख्यअतिथि प्रो. हरिमोहन बुधौलिया ने कविता जी की काव्य साधना की सराहना करते हुए कुछ संस्मरण सुनाए । वहीं कविता जी के स्वागत में कवियों ने अपने भाव व्यक्त किए। विशेष अतिथि प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह थे।
इस अवसर साहित्यकार शशांक दुबे ,विक्रमादित्य होटल के संचालक और कवि श्री हेमराज राठौर , डाॅ विवेक विक्रम , राजेश राज , डाॅ नेत्रा रावणकर , अनामिका सोनी , दीपक सोनी , संगीता तल्लैरा , सुनीता राठौर , अनिल पांचाल , डाॅ रमेशचंद्र चांगेसिया , कवि अशोक भाटी , अमित अग्रवाल , अपूर्व जोशी एवं कुमकुम जोशी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे । दीप आलोकन और डॉ देवेंद्र जोशी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर आयोजन का शुभारंभ अतिथियों ने किया। सरस्वती वंदना डॉ अनामिका सोनी ने प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का विधिवत संचालन प्रख्यात कवि सुनील गाइड तराना ने किया । अन्त में आभार मध्यप्रदेश लेखक संघ देवास इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह राजपूत ने किया।
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