प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी, 17 जिलों के 319 केंद्रों पर 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के 624 पदों पर भर्ती के लिए 09 और 10 मई 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रदेश के 17 जनपदों में बनाए गए 319 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न होगी। इस परीक्षा में कुल 4 लाख 64 हजार 605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष और महत्वपूर्ण स्थलों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा गया है। इन कैमरों की निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष और आयोग के अत्याधुनिक एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड कक्ष से की जाएगी। आयोग द्वारा सभी केंद्रों की संपर्क व्यवस्था का सफल परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है।उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक जनपद में एक-एक प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विशेष निगरानी टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले व्यक्तियों और नकल माफियाओं के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आयोग के अनुसार 09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी और कला सहित चार विषयों की परीक्षा कराई जाएगी।आयोग अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक की सहायता से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो या अलग-अलग नामों से आवेदन किए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग इस बार एक नई व्यवस्था भी लागू कर रहा है। लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर पायलट परियोजना के तहत प्रत्येक पाली की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षार्थियों की उत्तर पत्रिकाओं की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की मौजूदगी में की जाएगी। स्कैन किए गए आंकड़ों को तत्काल सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका मूल उत्तर पत्रकों से मिलान किया जा सके।आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचने और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट तथा आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा गया है।आयोग ने दोहराया कि परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।