समाजवादियों ने जयन्ती पर ज्योतिबा फुले को किया नमन्ः योगदान पर चर्चा
बस्ती । शनिवार समाजवादी पार्टी कार्यालय पर को महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले को उनकी जयन्ती पर याद किया गया । सपा जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने ज्योतिबा फुले को नमन् करते हुये कहा कि उन्होने दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए सत्य शोधक समाज की स्थापना की थी। इसका प्रमुख उद्देश्य शूद्रों-अतिशूद्रों को न्याय दिलाना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें उत्पीड़न से मुक्ति दिलाना, वंचित वर्ग के युवाओं के लिए प्रशासनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आदि शामिल था।
सपा विधायक नेता समीर चौधरी, आर.डी. निषाद, हरीश नेता, अभिषेक यादव, मो. सलीम, विशाल सोनकर, जावेद पिण्डारी, रजवन्त यादव ने कहा कि उस समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। स्त्रियों की शिक्षा को लेकर लोग उदासीन थे, ऐसे में ज्योतिबा फुले ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा अछूतोद्धार का कार्य आरंभ किया था। पुणे में लड़कियों के लिए भारत का पहला विद्यालय खोला। ऐसे महान लोगों को सदैव याद करना चाहिए।
सपा नेता रविकान्त निषाद, विश्वम्भर चौधरी, संदीप राजभर, श्याम यादव, रामप्रीत यादव, सनातन चौधरी, सुशील यादव, बजेश चौधरी, रामवृक्ष यादव, सुनील चौधरी, ज्ञानदास मौर्य, युनूस आलम आदि ने ज्योतिबा फुले के योगदन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि उनकी समाज सेवा से प्रभावित होकर 1888 में मुंबई की एक सभा में उन्हे महात्मा की उपाधि से नवाजा गया।
महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले को नमन करने वालों में सुबराती, पंकज निषाद, रामभवन यादव, अभिमन्यु शुक्ल, दिवाकर त्रिपाठी, लालमन यादव, नित्यराम चौधरी, इन्द्रजीत यादव, जितेन्द्र यादव, राम बहाल चौधरी, प्रशान्त कुमार, नरेन्द्र प्रसाद चौधरी, अवधेश सोनकर, जहीर अहमद, जोखू यादव, अली अहमद आदि शामिल रहे।