धम्म चारिका में दिया महात्मा बुद्ध का संदेशः स्वच्छता के महानायक संत गाडगे के योगदान पर चर्चा

धम्म चारिका में दिया महात्मा बुद्ध का संदेशः स्वच्छता के महानायक संत गाडगे के योगदान पर चर्चा

बस्ती। कुदरहा विकास खण्ड क्षेत्र के गोसैसीपुर में महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं के प्रचार प्रसार हेतु धम्म चारिका का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में स्वच्छता के महानायक संत गाडगे के जयंती उपलक्ष्य में वक्ताओं ने योगदान पर विचार विमर्श किया।

समाजसेवी रविन्द्र राना कन्नौजिया और डॉ. अनिल कुमार रंजन के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में भन्ते प्रज्ञानन्द भिक्खू संघ बेहिल मुख्य अतिथि के रूप में भोजन दान करा कर , भिखु संघ द्वारा धम्म देशना का कार्य सम्पन्न कराते हुये जन-कल्याण, शांति और ज्ञान के प्रसार हेतु महात्मा बुद्ध के संदेशों को आत्मसात करने का आवाहन किया।

मुख्य वक्ता बी.पी. सक्सेना, प्रदीप कुमार गौतम, के.सी. मौर्य, समाजसेवी के.पी. राठौर, एडवोकेट अनूप कुमार, रामचेत निराला ने कहा कि गौतम बुद्ध का मुख्य संदेश शांति, करुणा, अहिंसा का पालन करना है। उन्होंने बताया कि जीवन दुखों से भरा है, लेकिन सही ज्ञान से इन्हें दूर किया जा सकता है। बुद्ध के अनुसार, व्यक्ति को अपने मन और क्रोध पर विजय पानी चाहिए, अतीत या भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में जीना चाहिए, और स्वयं के मोक्ष के लिए खुद ही प्रयास करना । वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता के महानायक संत गाडगे के जीवन से युवा पीढी को प्रेरणा लेनी चाहिये।

कार्यक्रम में मिशनरी गायक मनीष कुमार प्रेमी और राजकुमार के गीतों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को सरस बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विशेष भूमिका आर पी गौतम व मनमोहन भारती ग्रुप का रहा, जिन्होंने अपने गीतों से समाज में एक नई चेतना व अपने महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया

आयोजक रविंद्र कनौजिया और डॉ. अनिल कुमार रंजन ने आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि पिछड़े और उपेक्षित समाज को ऊपर उठाने , समाज में एक नई ऊर्जा व अपने समाज के संतों गुरुओं और महापुरुषों के प्रति जानकारी रखना हम सबका दायित्व है।

कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार रंजन, बंसीलाल गौतम, हकीम भगत सिंह, रामचंद्र, सतीश राव, सूरज कुमार गौतम, ब्रिज कुमार, डॉ. शत्रुघ्न, विशाल यादव, पिंटू गौतम, राजेश कन्नौजिया, धर्मेंद्र कनौजिया रामू कनौजिया के साथ ही स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।