दो दिवसीय परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण कार्यशाला में विमर्श
अधिगम अनुभवों द्वारा बच्चों की दक्षता बढ़ाए शिक्षक – संजय शुक्ल
बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में परिषदीय विद्यालयों के विभिन्न ब्लॉकों के 75 शिक्षकों का दो दिवसीय परख कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। प्रशिक्षण का शुभारंभ डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य ने कहा कि परख सर्वे के रिपोर्ट के आधार पर विश्लेषण करते हुए छात्रों में प्रासंगिक और व्यावहारिक अधिगम अनुभवों द्वारा बच्चों में दक्षता बढ़ाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को अधिक अन्वेषणात्मक, कौशल आधारित और विद्यार्थी केंद्रित बनाने पर बल दे। इससे शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में विषय के वैज्ञानिक, सामाजिक और विश्लेषणात्मक आयामों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण के नोडल प्रवक्ता डॉ रविनाथ और सह नोडल प्रवक्ता शशि दर्शन त्रिपाठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा, आईसीटी का प्रयोग, विज्ञान प्रयोगशाला और शिक्षण की नई विधियों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों को सामाजिक अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से समझा सकें और उनकी समझ विकसित कर सकें। सन्दर्भदाता डायट प्रवक्ता डॉ रविनाथ और शशि दर्शन त्रिपाठी द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा, नागरिकता संविधान एवं शासन व्यवस्था के लिए शिक्षण, आर्थिक समझ विकसित करने के लिए शिक्षण, ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के डैशबोर्ड का प्रदर्शन की एवं नवाचारी शिक्षण विधियां आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर डायट प्रवक्ता डॉ गोविन्द, वंदना चौधरी, ऋचा शुक्ला, अलीउद्दीन खान, सरिता चौधरी, वर्षा पटेल, नवनीत कुमार, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।