पंचतत्व क्रिया से शरीर-मन को मिलता संतुलन, प्राकृतिक जीवनशैली की ओर बढ़ रहा रुझान – डॉ नवीन सिंह 

पंचतत्व क्रिया से शरीर-मन को मिलता संतुलन, प्राकृतिक जीवनशैली की ओर बढ़ रहा रुझान – डॉ नवीन सिंह

 

बस्ती ( अनुराग लक्ष्य न्यूज ) आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और असंतुलित दिनचर्या के बीच “पंचतत्व क्रिया” को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रकृति के पांच तत्व—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—के संतुलन पर आधारित यह सरल एवं प्राकृतिक अभ्यास शरीर और मन को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है।

प्रो डॉ नवीन सिंह, निदेशक, संकल्प योग वैलनेस सेंटर, बस्ती के अनुसार पंचतत्व क्रिया नियमित रूप से करने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो सकती है। उनका कहना है कि नंगे पैर धरती पर चलना, स्वच्छ जल का संतुलित सेवन, सूर्य के प्रकाश का सीमित संपर्क, शुद्ध वायु में श्वसन अभ्यास तथा ध्यान जैसी प्रक्रियाएं शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करती हैं।

उन्होंने बताया कि इस क्रिया से मानसिक तनाव में कमी आती है और मन में शांति का अनुभव होता है। प्रकृति के सानिध्य में समय बिताने से अवसाद, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी लाभ देखा गया है। साथ ही त्वचा और आंखों से संबंधित कुछ सामान्य समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पंचतत्व क्रिया व्यक्ति को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है, जिससे दैनिक जीवन में संतुलन और सकारात्मकता बढ़ती है। नियमित अभ्यास से ऊर्जा स्तर में वृद्धि और कार्यक्षमता में सुधार संभव है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी नई स्वास्थ्य पद्धति को अपनाने से पहले प्रशिक्षित मार्गदर्शन लेना उचित रहता है। पंचतत्व क्रिया को अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।