जानकी महल में गूँजी श्रीराम कथा, 51 ब्राह्मणों के पोथीपाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी के प्रतिष्ठित जानकी महल में आयोजित दिव्य श्रीराम कथा ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. अनिरुद्ध जी महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित श्रीराम कथा की रसधारा को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे। आयोजन के दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा इस धार्मिक अनुष्ठान की मुख्य विशेषता 51 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा किया गया विधिवत पोथीपाठ रहा। मंत्रों की गूंज और वैदिक ऋचाओं के पाठ से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। डॉ. अनिरुद्ध जी ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों, उनकी मर्यादा और जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज को धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
यजमानों ने निभाया दायित्व
कार्यक्रम के मुख्य यजमान पुरूषोत्तम सिंह एवं आशी सिंह रहे, जिन्होंने सपरिवार पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजन अर्चन कर अनुष्ठान का निर्वहन किया। आयोजन की व्यवस्थाओं और इसे भव्य रूप देने में ज्ञानचंद शुक्ल (संयोजक) शिवकुमार अग्रवाल गोपाल जी निगम का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। आरती और प्रसाद वितरण कथा के विश्राम पर भव्य आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह के बीच प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन दर्शन से परिचित कराना है। प्रमुख अंश स्थान जानकी महल, अयोध्या। वक्ता डॉ. अनिरुद्ध जी महाराज।51 ब्राह्मणों का सामूहिक पोथीपाठ।