गरज के साथ बारिश: ठंड बढ़ी, जनजीवन प्रभावित; किसानों को राहत-चिंता

गरज के साथ बारिश: ठंड बढ़ी, जनजीवन प्रभावित; किसानों को राहत-चिंता

 

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

कुंडा तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और दोपहर तक गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से ठंड में अचानक इजाफा हुआ, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को ठिठुरन महसूस होने लगी।

तेज गड़गड़ाहट और बूंदाबांदी ने लोगों को सहमा दिया। बाजारों में मौजूद लोग बारिश और ठंड से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश करते दिखे। कई लोग छाता या रेनकोट न होने के कारण भीगते हुए अपने घरों की ओर भागे। सड़कों पर पानी जमा होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अचानक बढ़ी ठंड के कारण लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। बारिश और ठंड का सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों पर देखा जा रहा है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।

किसानों के लिए यह बारिश राहत और चिंता दोनों लेकर आई है। रामसूरत, शिवमोहन, राम आसरे और संदीप सिंह जैसे किसानों का कहना है कि यह बारिश गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी।हालांकि, किसानों को यह भी चिंता है कि यदि बारिश लंबे समय तक जारी रही, तो आलू, मटर और अन्य सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण कच्चे रास्तों पर कीचड़ हो गया है, जिसस आवागमन में परेशानी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले 24 से 48 घंटे तक बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं। मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि फरवरी का महीना अभी भी अपने साथ सर्दी का असर लेकर आता है। लोगों को अभी कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।