श्री राम आरती – बसंत श्रीवास वसंत

*श्री राम आरती*

 

आरती कीजै रघुकुल नायक की।

भवभय भंजन सुख दायक की।।

 

धर्म हेतु प्रभु अवनी आए,

सुर नर मुनि सब कीरति गाए।

दशरथ सुत कौशिल्या के जाए,

महिमा उनकी पार लगाए।।

*आरती कीजै रघुकुल नायक की*

 

बधे ताड़का वन में भारी,

गौतम। नारी अहिल्या तारी।

धनुष तोरि सिय को वर पाए,

विश्वामित्र ऋषि संग आए।।

*आरती कीजै रघुकुल नायक की*

 

पिता वचन धरि राज बिसारे,

पाये वन में खुशियाॅं सारे।

वन में शबरी को सुख दीन्हा,

बाली का तुमने वध कीन्हा।।

*आरती कीजै रघुकुल नायक की*

 

ऋक्ष बानर संग सेतु बॅंधाए,

सब मिलकर लंका चढ़ि धाए।

रावण कुल को प्रभु संहारे,

चढ़ पुष्पक सब अवध पधारे।।

*आरती कीजै रघुकुल नायक की*

 

रामलला की आरती जो गावैं,

नर सुख संपत्ति सब पावैं।

रामचरित जो सुनैं सुनावैं,

जनम जनम के दुख बिसरावैं।।

*आरती कीजै रघुकुल नायक की*

*भवभय भंजन सुख दायक की*

 

*सियावर राम चंद्र की जय*

बसंत श्रीवास वसंत (नरगोड़ा)

रामकृष्ण मिशन नारायणपुर छत्तीसगढ़