सरदार सेना ने यूजीसी के समर्थन में पद यात्रा निकालकर सौंपा ज्ञापन
उच्च शिक्षा में भेदभाव समाप्त करने वाला नियम लागू हो-ब्रजेश पटेल
बस्ती। विश्वविद्यालय अनुदान ‘यूजीसी’ के नये नियमों के समर्थन और विरोध का सिलसिला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यूजीसी के नये नियमों को लागू किये जाने पर रोक लगाने के आदेश के बावजूद जारी है। शनिवार को सरदार सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी ब्रजेश पटेल और अभय पटेल सिल्लो के नेतृत्व में लालगंज से पद यात्रा निकाली गई। लालगंज थानाध्यक्ष ने कस्बे के निकट पद यात्रा को रोक दिया और प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन लेकर कहा कि इसे उचित माध्यम से भेज दिया जायेगा। आन्दोलनकारी मांग कर रहे थे कि शिक्षा में सुधार की दृष्टि से यूजीसी द्वारा लागू किया गया नया नियम बने रहने दिया जाय जिससे दलित, पिछड़ों का उत्पीड़न बंद हो।
ज्ञापन देने के बाद सरदार सेना नेता चौधरी ब्रजेश पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न व शोषण पर रोक लगाया जाना चाहिये।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लाया गया यूजीसी बिल 2026 सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुछ संगठनों द्वारा भ्रम फैलाने के प्रयासों से बिल के विरोध की आशंका जताई गई है, जो देश के समावेशी विकास के लिए घातक हो सकती है।
ज्ञापन देने के बाद सरदार सेना जिलाध्यक्ष विनय चौधरी, छात्र नेता अशोक प्रभात, कुदरहा तृतीय से जिला पंचायत के भावी प्रत्याशी अभय पटेल सिल्लो, अखिलेश प्रजापति ने कहा कि यूजीसी बिल 2026 को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि शैक्षणिक परिसरों में समान अवसर सुनिश्चित हों और भेदभाव की घटनाओं पर रोक लगे। यूजीसी की पहल सराहनीय है।
ज्ञापन सौपने के दौरान आकाश पटेल, रंजीत आजाद, सुनील चौधरी, दिवाकर पाल, शिवा चौहान, अभिषेक चौधरी, मोहन निषाद, आलोक विश्वकर्मा, अभिषेक मौर्य, संजीत पासवान, अजीत यादव, अमरनाथ शर्मा, शिव बहादुर, सुधीर चौधरी, अरविन्द, शिवांश चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या मंें लोग मौजूद रहे।