उन्मुक्त उड़ान मंच पर मनाया गया विश्व बालिका दिवस
उन्मुक्त उड़ान मंच द्वारा 19 से 24 जनवरी 2026 तक विविध साहित्यिक आयोजनों का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इन आयोजनों में समसामयिक विषयों, विविध विधाओं तथा रचनात्मक सहभागिता ने मंच की साहित्यिक चेतना को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की।
दिनांक 19–20.01.26 | राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में “बेटी: घर का प्राण” जैसे अति उत्तम एवं समसामयिक विषय पर रूप-घनाक्षरी (वार्णिक छंद) विधा में रचनाएँ आमंत्रित की गई। मंच उपाध्यक्ष आ. सुरेशचंद्र जोशी” सहयोगी”जी ने विषय का सुंदर निरूपण करते हुए मंच का कुशल संचालन किया। इस अवसर पर अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल ‘देविका’, अशोक दोशी “दिवाकर” तथा अन्य नियमित रचनाकारों ने प्रतिभागियों का प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन किया। कुल 27 रचनाकारों की रचनाएँ प्राप्त हुईं, जिनमें से 18 रचनाकारों ने परिपाटी अनुसार प्रस्तुतियाँ दी। यह आयोजन सीखते-लिखते निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ।
बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में विषय “बासंती हवा से भरें तन-मन” तथा विधा छंदमुक्त काव्य रही। आयोजन प्रभारी आ. वीणा टंडन ‘पुष्करा’ जी ने विषय निरूपण के साथ मंच का प्रभावी, सक्रियता व समर्पित भाव से संचालन किया। इस आयोजन में लगभग 42 रचनाकारों ने समयबद्धता से व 8 रचनाकारों ने निर्धारित समय के बाद सक्रिय सहभागिता निभाई और करीब 1000 टिप्पणियों के साथ यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर स्वैच्छिक विषय पर आयोजन किया गया, जिसे मंच की प्रबुद्ध कार्यकारिणी द्वारा संचालित किया गया। 45 प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सभी प्रशंसा के पात्र रहे।
सोमवार से शनिवार तक साप्ताहिक आयोजन परिपाटी के अंतर्गत अत्यंत विचारोत्तेजक विषय “शिक्षा का उजास, प्रगति का विश्वास” पर आलेख विधा में रचनाएँ प्रस्तुत की गईं। आयोजन प्रभारी आ. फूलचंद्र विश्वकर्मा जी ने उत्कृष्ट निरूपण के साथ कार्यक्रम का संचालन किया। विषयानुरूप 30 सशक्त सृजन ने इस आयोजन को विशेष रूप से सराहनीय बनाया।
उन्मुक्त उड़ान मंच निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। कलमकारों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है, जो मंच की बढ़ती ख्याति का प्रमाण है। यह सफलता मंच की अध्यक्षा, आयोजन प्रभारियों एवं समस्त समर्पित सदस्यों के सतत परिश्रम का परिणाम है। साथ ही, अभिकल्पक प्रभारियों के योगदान की विशेष सराहना की गयी, जो अपने कीमती समय से सुंदर पोस्टर एवं सम्मान पत्र बनाकर मंच की गरिमा बढ़ा रहे हैं।
प्रतियोगिता और प्रतिभागिता के लिए नीरजा शर्मा ‘अवनि’ और नीतू गर्ग ‘कमलिनी’ ने रचनात्मक पोस्टर, कोलाज और वीडियो बनाए, साथ ही अनुपम प्रशस्ति पत्रों को प्रदान किया, जो कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप थे। कृष्णकांत मिश्रा ‘कमल’ और संजीव कुमार भटनागर “सजग” के सहयोग और डॉ दवीना अमर ठकराल “देविका:” के उद्बोधन ने रचनाकारों के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन का कार्य किया।