बसंतपंचमी व 24वें स्थापना दिवस पर डॉन वास्को स्कूल में उल्लास, जनपदवासियों को दी शुभकामनाएं

बसंतपंचमी व 24वें स्थापना दिवस पर डॉन वास्को स्कूल में उल्लास, जनपदवासियों को दी शुभकामनाएं

 

-शिक्षा, संस्कार और गुणवत्ता के 24 वर्ष पूरे, विद्यार्थियों की उपलब्धियां बनीं गर्व का विषय

 

बस्ती ( अनुराग लक्ष्य न्यूज ) बसंतपंचमी के पावन अवसर पर डॉन वास्को स्कूल में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यालय के 24वें स्थापना दिवस समारोह का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉन वास्को स्कूल के प्रबंधक राजेश मिश्रा ने जनपदवासियों को बसंतपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय की 24 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को साझा किया।

प्रबंधक राजेश मिश्रा ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि बसंतपंचमी के साथ-साथ विद्यालय का 24वां स्थापना दिवस भी है। उन्होंने बताया कि आज से ठीक 24 वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर डॉन वास्को स्कूल की स्थापना की थी। इतने वर्ष कैसे बीत गए, इसका एहसास तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि विद्यालय की यह यात्रा संघर्ष, समर्पण और विश्वास से भरी रही है।

उन्होंने आगे कहा कि डॉन वास्को स्कूल के विद्यार्थी आज समाज में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग सहित कई क्षेत्रों में विद्यालय के पूर्व छात्र अपनी पहचान बना चुके हैं, जो पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। यही उपलब्धियां विद्यालय की शिक्षा प्रणाली और संस्कारों की सच्ची पहचान हैं।

इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य तसकीन फात्मा ने कहा कि डॉन वास्को स्कूल शुरू से ही बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संकल्पित रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों के लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।

उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए विद्यालय में मदर टीचर की भूमिका में अनुभवी शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, जो बच्चों को घर जैसा वातावरण प्रदान करती हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास होता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। बसंतपंचमी और स्थापना दिवस के इस संयुक्त आयोजन ने विद्यालय की शैक्षिक परंपरा और संस्कारों को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।