साहित्य ने दिलाई पहचान ‘कलम की मुस्कान’ – लतेलिन ‘लता’ प्रधान
भोपाल {मध्य प्रदेश}- आधुनिक भारत अनेक विभूतियों से निरंतर सुशोभित हो रही है जिसमें साहित्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देते हुए छत्तीसगढ़ की धरा ग्राम पिसौद जिला जांजगीर-चांपा की पहली कवयित्री लतेलिन प्रधान ने कड़ी मेहनत और लगन से साहित्य के लिए अनेकों उतार- चढ़ाव , खट्टे-मीठे यादें जीवन में अनुभव की हैं। उनके जीवन में इस साहित्यिक यात्रा को करीब से व्यक्तियों ने देखा है ,कई बाधाएं आती और संघर्ष करते हुए उन बाधाओं को सहज ही पार करती गईं। कई बार उन्होंने इस साहित्यिक यात्रा को विराम देने का भी निर्णय लिया लेकिन कहा जाता है कि सफलता उसी को मिलती है जिसमें कठिन परिश्रम होती हैं, सफलता उसी को मिलती है जिसमें लगन हो, त्याग हो, प्रेम हो, भावनाएं शुद्ध हो । कहा जाता है कि सफल होने वाले व्यक्ति के साथ लोग जुड़ते चले जाते हैं। उन्होंने संघर्ष से डटकर सामना की उसी का परिणाम है कि आज लतेलिन प्रधान नहीं बल्कि लतेलिन “लता” प्रधान के रूप में साहित्य के क्षेत्र पर अपनी पहली पुस्तक ‘कलम की मुस्कान’ विमोचन से परचम लहरा रही हैं। विशेष सहयोग साहित्यक क्षेत्र में डॉ. राधे राधे (राष्ट्रीय महामंत्री- काव्य रसिक संस्थान), “कलम की मुस्कान” कृति की समीक्षक नोबेल भाई , वरिष्ठ कवि ठाकुर व्यास सिंह गुमसुम, सुधीर श्रीवास्तव {यमराज मित्र} , एवम् अभिशार गांगुली हमरूह प्रकाशन की पूरी टीम पावन कृति से जुड़े हुए सभी ने साथ दिया। लतेलिन ‘लता’ ने आगे बताया कि भोपाल में बी.एच. ई. एल. के 67 वाँ वर्ष के अवसर पर 11 जनवरी 2026 को शानदार और भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंडल भोपाल पिपलानी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि – यू.आर. सिदार, मुख्य संरक्षक जी.पी. बघेल , एच. आर. पटेल, एम.के.भगत, जी. पी. महेंद्र, अध्यक्ष – राजेश कुमार कर्ष, उपाध्यक्ष – अमृत लाल चंद्रा, सी. पी.भारद्वाज, वरिष्ठ सलाहकार – मनीष साहू, महेंद्र कुर्रे, महेंद्र सोरी , ए. के. सिंह ,मुख्य सचिव- बुदेश्वर सिंह गौड़ , कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, गजेन्द्र बंछोर, सुरेश वर्मा, कोषाध्यक्ष- राम कन्हाई चन्द्रा, प्रसार सचिव – बुधमान सिन्हा, कांत बघेल, के .पी. ठाकुर, मयंक चंद्रा, सांस्कृतिक सचिव – बी. एल. , तोषण पटेल , शांति लाल सूर्यवंशी, जनक राम सिन्हा , उमेश ठाकुर इत्यादि के साथ भारी संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन होमन लाल साहू के द्वारा किया गया । सभी परिवार, समाज और साहित्यिक प्रेमियों के बधाइयां शुभकामनाओं के साथ उज्जवल भविष्य की मंगल कामना प्रेषित करने का सिलसिला आज भी जारी है ।