मोरवा, समस्तीपुर के सुविख्यात लेखक प्रकाश राय मगध महोत्सव पटना में हुए सम्मानित 

मोरवा, समस्तीपुर के सुविख्यात लेखक प्रकाश राय मगध महोत्सव पटना में हुए सम्मानित

 

बिहार/समस्तीपुर – पटना संग्रहालय सभागार में मगध महोत्सव साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम में समस्तीपुर जिले के मोरवा अंचल के सारंगपुर पूर्वी पंचायत के कृषक उपेन्द्र राय व धर्मपरायण माता कुमारी निशा सिन्हा के होनहार सुपुत्र व सुविख्यात लेखक प्रकाश राय को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व डिप्टी कमिश्नर, स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट, बिहार के श्री समीर परिमल ने पटना संग्रहालय सभागार के साहित्यिक व सांस्कृतिक रंगमंच पर बीते रविवार को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। मातृभाषा हिन्दी संगठन के आयोजक कुमार लक्ष्मीकांत ने कहा कि प्रकाश राय एक शानदार बहुमुखी प्रतिभा के धनी बादशाह है। जिनकी लेखनी बड़ी कमाल है। संयोजक सुभाष शर्मा ने कहा कि प्रकाश राय एक प्राकृतिक लेखक व संवेदनशील व्यक्ति हैं। जिनकी लेखनी में बहुत ही गहराई होती है। मंच संचालिका व वीर-रस की कवयित्री वर्षा ठाकुर ने कहा कि श्री राय साहब एक सक्रिय लेखक हैं एवं साहित्य जगत् के उभरते सितारे हैं। जिसके लिए उन्हें प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भूतपूर्व केन्द्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, भूतपूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आशीष कुमार, सह आयोजक निर्भय कांत सहित बिहार के कई वरिष्ठ कवियों ने साहित्य पर अपने विचार प्रकट किए एवं आयोजन के महत्ता पर प्रकाश डाला। भारत सहित विविध प्रांतों के वरिष्ठ कवियों ने अपनी प्रस्तुति दी जिसमें लेखक प्रकाश राय ने अपनी जोशीले आवाज़ व अंदाज़ों में अपना जलवा बिखेरा। हाॅल में कुर्सी पर विराजमान दर्शक दीर्घा ने उन्हें बहुत प्रेम व सम्मान दिया।

 

विदित हो कि मोरवा के प्रख्यात लेखक प्रकाश राय बहुत ही सिद्धांतवादी, सत्यवादी, आदर्शवादी, संवेदनशील, अनुशासित व मधुर व्यवहार व्यक्ति हैं। एक लेखक के अलावा ये एक दार्शनिक भी हैं। एक लेखक के रूप में प्रकृति का संरक्षण, समाज में अनैतिक भावों, नारियों की विषम दुर्दशा, युवाओं के सपने व आधुनिक शिक्षा मे सुधार के विभिन्न पहलुओं पर इनकी लेखनी चलती है। एक दार्शनिक के रूप में जीवन के रहस्य व सार, मानवता का परिचय आदि विषयों पर लेखनी चलती रहती है। इनकी रचनाएं देश के मशहूर अख़बार व पत्रिकाओं में अक़्सर छपती रहती है। साहित्य में ये गद्य विधा को अधिक प्राथमिकता देते हैं ख़ासकर लघु कथा व आलेखों पर। ये उनकी मुख्य पहचान है। ये मुक्त छंद पर अपनी श्रृंगार-रस काव्य सृजन करते हैं जो भावपूर्ण होते हैं। अनेक साझा काव्य-संग्रह के सहयोगी लेखक रहे। अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के अनेक साहित्यिक प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित हुए। अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों पर भाषण व काव्यपाठ हेतु इन्हें आमंत्रित किया गया। लेखक प्रकाश राय समस्तीपुर सहित सम्पूर्ण बिहार का नाम रोशन किया। क्षेत्रों में काफ़ी हर्ष है।

 

मौके पर मोरवा के वर्तमान विधायक व राजद के नेता रणविजय साहू , एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पूसा, समस्तीपुर के कृषि वैज्ञानिक सौरव समदर्शी, समस्तीपुर काॅलेज, समस्तीपुर के पीजी डिपार्टमेंट व अंग्रेज़ी के सहायक प्रोफेसर उमाशंकर विद्यार्थी, रामदुलारी साहित्यकार मंडल के संस्थापक, भूतपूर्व रेल वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी व पटोरी के वरिष्ठ कवि डॉ. द्वारिका राय सुबोध, विद्यापति के मैथिली भाषा के वरिष्ठ कवि सीताराम शेरपुरी, दलसिंहसराय के अभिव्यक्ति संस्था के संस्थापक चाँद मुसाफ़िर, केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय के डिग्री विभाग के भूतपूर्व हिन्दी के प्रोफ़ेसर अवधेश कुमार झा, प्रो. जगदीश राय, VIP पार्टी समस्तीपुर के नेता पुष्पा सहनी, लोजपा के नेता अभय सिंह, छत्रपति पटेल क्रांतिकारी मंच के सामाजिक नेता जयकृष्ण राय, मोहिउद्दीनगर के बज्जिका भाषा के मशहूर कवयित्री सीमा आदि ने प्रकाश राय के उपलब्धियों पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामना देकर आशीर्वचन किया।