शारदा बैराज बनेगा वेलनेस और ईको टूरिज्म का नया हब, यूपी ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने एजेंसी चयन प्रक्रिया की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने लखीमपुर खीरी स्थित शारदा बैराज को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड की ओर से इस परियोजना के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया की घोषणा की गई है, जिसके तहत शारदा बैराज को एक नए एकोमोडेशन और वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान तेज रफ्तार जीवनशैली में लोग एक बार फिर प्रकृति, आयुर्वेद और वेलनेस आधारित जीवन की ओर लौट रहे हैं। इसी बदलते रुझान को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में मजबूत एकोमोडेशन और वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करना समय की आवश्यकता बन गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रमुख प्राकृतिक स्थलों को आधुनिक वेलनेस सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां पर्यटकों को बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके।उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की योजना के तहत चयनित एजेंसी को परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जहां आवासीय और वेलनेस सेंटर का विकास किया जाएगा। चयनित एजेंसी को सुविधाओं की योजना, डिजाइनिंग, निर्माण, वित्त पोषण और संचालन से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही पर्यटकों और परियोजना परिसर की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। बोर्ड संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। यह परियोजना ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस मॉडल के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अवधि 15 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें आगे 15 वर्ष के अतिरिक्त विस्तार का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यूपी ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड प्रत्येक पांच वर्ष में एजेंसी के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार भी बोर्ड के पास रहेगा। परियोजना के लिए किसी प्रकार का पूंजी अनुदान नहीं दिया जाएगा। आवास और वेलनेस सुविधाओं का संचालन चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए वार्षिक प्रीमियम भुगतान मॉडल लागू किया जाएगा। इस परियोजना में प्रीफैब्रिकेटेड संरचनाओं को बढ़ावा दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है।पर्यटन मंत्री ने कहा कि लखीमपुर खीरी का शारदा बैराज एक अनोखे और बहुआयामी पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से विकसित होने जा रहा है, जहां वेलनेस टूरिज्म की शांति और वाइल्ड लाइफ का रोमांच एक साथ पर्यटकों को नया अनुभव प्रदान करेगा। घरेलू पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आमद से यह क्षेत्र इनबाउंड टूरिज्म का एक उभरता हुआ नया हॉटस्पॉट बनेगा।प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि शारदा बैराज को वेलनेस, वन्यजीव और प्राकृतिक अनुभवों के एक अद्भुत संयोजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि इस क्षेत्र को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक और सस्टेनेबल पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए।निदेशक पर्यटन (ईको) पुष्प कुमार ने बताया कि शारदा बैराज में वेलनेस आधारित पर्यटन का यह मॉडल उत्तर प्रदेश में सस्टेनेबल विकास और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सुविधाओं की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश का पर्यटन ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप और अधिक मजबूत होगा।