शीर्षक — शब्दों का महत्व
विद्या-कविता
शब्दों का महत्व समझो, ये मन का दर्पण होते हैं,
राम के वचन से सीता के मन में उजियारे जन्म लेते थे ।
मुख-दिखाई में बोले वचन, मधुर विश्वास के मोती,
“तुम संग ही जीवन बीतेगा,” कह राम ने बढ़ाई ज्योति।
अयोध्या के राजा होते हुए, कई रानियों की थी प्रथा,
पर सीता को दिया जो वचन, वही बना जीवन की रथ-लता।
“और न आएगी कोई नारी, मेरे जीवन के आँगन में,”
ये शब्द रखे राम ने सँजोकर, अपने हर दिन–हर क्षण में।
वचन नहीं, ये प्रेम-पत्र थे, आस्था की ज्योति जगाते,
सीता के मन को विश्वास के अनुपम दीप जलाते।
शब्दों में होती शक्ति ऐसी, जो रिश्तों को अमर बनाती,
प्रेम अगर सच्चा हो तो प्रतिज्ञा भी श्यामल छाया बन जाती।
इसलिए शब्दों का महत्व जानो, ये दिलों को जोड़ते रहते,
जो वचन निभा दे जीवनभर, वही सच्चे प्रेमी कहते।
ज्योती कुमारी
नवादा (बिहार)