योग्य प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य के कौशल विकास मिशन में निरंतर प्रयास

लखनऊ प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय अलीगंज में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक समय आधारित निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाए और कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों से लिखित स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों की मांग और युवाओं की रुचि के अनुरूप नए व्यवसाय आरंभ किए जाएं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार क्षेत्रों का उन्नयन किया जाए, ताकि युवाओं को उनके जनपद में ही बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।बैठक में आईटीओटी लखनऊ और सुल्तानपुर के प्रशिक्षण आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जिसमें बताया गया कि प्रशिक्षण सत्र 2015-16 से 2024-25 तक कुल 3181 प्रशिक्षार्थियों में से 3064 ने सी-आई-टी-एस परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। संस्थान में राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों, अनुदेशकों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की भी प्रभावी व्यवस्था की गई है।समीक्षा में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की प्रगति भी प्रस्तुत की गई, जिसके अनुसार अब तक लगभग 2.59 लाख युवाओं को प्रशिक्षण, 2.33 लाख का मूल्यांकन और 1.52 लाख को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के नए चरण के लिए प्रशिक्षण सहयोगियों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं और चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में विद्यालयों की संख्या और नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष के 62,326 के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 23,000 बच्चों का नामांकन पूरा हो चुका है और एडिट विद्यालयों को भी योजना में शामिल किया गया है।कौशल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025 के लिए प्रदेश में 1,09,249 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो देश में सर्वाधिक संख्या है। जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन पूर्ण हो चुका है और मंडल स्तरीय प्रतियोगिताएं 1 से 10 दिसंबर के मध्य आयोजित होंगी, जबकि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 20 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच पूरी की जाएंगी। मंत्री अग्रवाल ने सभी प्रतियोगिताओं का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिए कौशल विकास नेटवर्क के साथ समझौता ज्ञापन के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। सहारनपुर मंडल के 23 प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण राजकीय आईटीआई मुजफ्फरनगर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इसी प्रकार लखनऊ, अयोध्या, बस्ती सहित अन्य मंडलों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और मलवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ सहित अन्य प्रमुख संस्थानों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है, जिससे पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन सुधार और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा।युवाओं को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग द्वारा लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लगभग 100 कंपनियों की भागीदारी और 15,000 से अधिक रिक्तियों की संभावना है। मंत्री अग्रवाल ने सभी रोजगार मेलों में अधिकतम युवा सहभागिता सुनिश्चित करने और चयन के बाद युवाओं की निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा हुनरमंद और आत्मनिर्भर बने तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने सभी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए।बठक में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विशेष सचिव अभिषेक सिंह, निदेशक कौशल विकास मिशन पुलकित खरे, अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह, अपर निदेशक मानपाल सिंह, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, राजेन्द्र प्रसाद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।