छत्तीसगढ़ की नेहा वार्ष्णेय को रामायण पात्र पहेली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान

भोपाल/दुर्ग (विशेष प्रतिनिधि):

भारतीय संस्कृति के ज्ञान और अध्यात्म की धारा को आगे बढ़ाने वाले सुखवाड़ा आश्रम, भोपाल द्वारा आयोजित “रामायण के 44 पात्र खोजें – पहेली प्रतियोगिता” में छत्तीसगढ़ की नेहा वार्ष्णेय ने देशभर के सैकड़ों प्रतिभागियों में से प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

 

इस अनोखी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक रोचक पहेली के माध्यम से रामायण के 44 पात्रों के नाम खोजने थे। 31 अक्टूबर को प्रतियोगिता की घोषणा होते ही देश के कोने-कोने से सैकड़ों प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। आश्रम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, *नेहा वार्ष्णेय (दुर्ग, छत्तीसगढ़)* की प्रविष्टि सर्वप्रथम और पूर्णतः सही उत्तर के रूप में चयनित की गई।

 

उन्हें इस उपलब्धि पर सुखवाड़ा आश्रम, भोपाल की ओर से ₹101 की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की गई।

 

आश्रम के संचालकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता को देशभर से अप्रत्याशित प्रतिसाद मिला — विशेष रूप से “मृत्युंजय योग केन्द्र” और “हर हर गंगे” समूहों से सर्वाधिक सहभागिता दर्ज की गई।

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से अनेक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें श्री सुधाकर घागरे (मुंबई), श्री तुकाराम किनकर (पांढुरना) और श्री शिवचरण डोंगरदिये (भोपाल) की प्रविष्टियाँ प्रमुख रहीं।

 

🌸 नेहा वार्ष्णेय: समर्पण और संस्कृति का संगम

 

नेहा वार्ष्णेय ने इस उपलब्धि पर कहा — “रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। इस प्रतियोगिता ने मुझे स्मरण कराया कि हमारी संस्कृति कितनी गहराई और सुंदरता से भरी हुई है।”

उनकी इस सफलता से दुर्ग और पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसन्नता का माहौल है।

सुखवाड़ा आश्रम ने घोषणा की है कि ऐसी संस्कृति-आधारित ज्ञान प्रतियोगिताएँ अब साप्ताहिक रूप से आयोजित की जाएंगी ताकि समाज में भारतीय मूल्यों के प्रति जागरूकता और श्रद्धा बढ़ाई जा सके।

 

 

– सुखवाड़ा आश्रम, भोपाल

📞 संपर्क: 9425392656

📍 स्रोत: भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा समिति