लंदन । अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया-171 विमान हादसे के लगभग दो महीने बाद भी, पीड़ित ब्रिटिश परिवार अपने प्रियजनों के अवशेषों की पुष्टि के लिए डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। शवों के अवशेषों की अदला-बदली और गलत लेबलिंग की खबरों के बाद भारत और ब्रिटेन की सरकारों के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता से अब इन परिवारों को प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही कानूनी फर्म ‘कीस्टोन लॉÓ के अनुसार, 12 जून को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद भारत से ब्रिटेन भेजे गए 12 ताबूतों में से दो पर गलत लेबल लगे हुए थे, जिससे उनकी पहचान गलत हो गई थी। इस मुद्दे के अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आने के बाद पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान इस पर चर्चा हुई थी।
‘कीस्टोन लॉÓ के एविएशन पार्टनर जेम्स हीली-प्रैट ने कहा, इस मामले पर उच्च-स्तरीय बातचीत हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ मेल खाने वाले डीएनए अवशेष अब भारत में मिल गए हैं। हम इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इस विमान हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी, जिनमें 52 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। शवों की गलत पहचान का मामला सामने आने के बाद पिछले महीने भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सभी पार्थिव शरीरों के अवशेषों को अत्यंत पेशेवर तरीके से और मृतक की गरिमा का पूरा ध्यान रखते हुए संभाला गया था। मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया था कि वे इस मुद्दे से जुड़ी किसी भी चिंता का समाधान करने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।