गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर भव्य आयोजन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। सावन शुक्ल सप्तमी के पावन अवसर पर, वासुदेव घाट स्थित प्रसिद्ध पीठ श्रावण कुंज मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर संतों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके महान साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया। श्रावण कुंज मंदिर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता निर्वाणी अनि अखाड़ा हनुमानगढ़ी के महासचिव महंत नंदराम दास ने की। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना करके भगवान राम को जन-जन तक पहुँचाया। उनकी इस कृति ने जीवन-मूल्यों की पुनर्प्रतिष्ठा की और भारतीय संस्कृति से पूरे विश्व को परिचित कराया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गोस्वामी जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया।
हनुमानगढ़ी के महंत बलराम दास ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस को एक स्पष्ट स्वरूप दिया है, जिसमें धर्म, जाति, वर्ग या पंक्ति का कोई भेदभाव नहीं है। इसी कारण तुलसीदास जी और उनका मानस हर व्यक्ति के हृदय में स्थान बना सका है। कार्यक्रम के आयोजक महंत मामा दास ने बताया कि श्रावण कुंज वही पवित्र स्थान है जहाँ गोस्वामी तुलसीदास जी ने भगवान के बाल्यकाल से जुड़ी ‘गुटका’ की रचना की थी। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती और भी भव्य तरीके से मनाई जाएगी और मंदिर में उनकी प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर महंत वैदेही बल्लभ शरण, उपेंद्र दास, अजीत दास, लवकुश दास, सूर्य भान दास, पुजारी नितिन दास, महंत रामेश्वरी शरण समेत कई संत और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने गोस्वामी तुलसीदास जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।