समाजवादी शिक्षक सभा का स्कूलों को बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन: राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या ।समाजवादी शिक्षक सभा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर में 5000 स्कूलों को बंद करने के फैसले के विरोध में आज अयोध्या में सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष दान बहादुर सिंह के नेतृत्व में किया गया। दान बहादुर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का यह निर्णय “न केवल शिक्षा विरोधी है बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 21-ए द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार – निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के भी प्रतिकूल है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लाखों बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। सिंह ने इसे पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश बताया।समाजवादी शिक्षक सभा के महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित मांगें की गई हैं। तत्काल प्रभाव से विद्यालयों को बंद करने का निर्णय वापस लिया जाए। प्रत्येक गांव और क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और सुगम शिक्षा हेतु न्यूनतम एक प्राथमिक विद्यालय की अनिवार्य स्थापना की जाए। शिक्षा क्षेत्र में बजट वृद्धि और शिक्षक बहाली की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। इस निर्णय पर न्यायिक और संवैधानिक जांच कराकर इसकी समीक्षा कराई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह जनविरोधी और शिक्षा विरोधी निर्णय वापस नहीं लिया तो समाजवादी शिक्षक सभा पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष दान बहादुर सिंह, महासचिव डॉ. घनश्याम यादव, उपाध्यक्ष विमल सिंह यादव, सचिव अवनीश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अधिवक्ता सभा शावेज जाफरी एडवोकेट, धर्मेंद्र कुमार, राकेश यादव, रितेश भारती और सतीश वर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।