अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा जिला कारागार, अम्बेडकरनगर का किया गया आकिस्मक निरीक्षण
उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2025-26 के अनुपालन में श्रीमती रीता कौशिक, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 25.06.2025 को जिला कारागार, अम्बेडकरनगर में बन्दियों को बी०एन०एस०एस० की धारा-479 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बन्दियों को दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विधिक साक्षरता शिविर में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, शशिकांत मिश्र, जेल अधीक्षक, संतोष कुमार, जेलर, सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर, जि०वि० से० प्रा० के कर्मचारी, पराविधिक स्वंय सेवक, जेल पी०एल०वी व कारागार के कर्मचारीगण एवं बन्दियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुये भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बन्दियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा बन्दियों हेतु संचालित निःशुल्क विधिक सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा बताया गया कि बन्दी एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता एवं निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं और अपने वाद की निःशुल्क पैरवी करवाते हुये मुकदमे खत्म करवा सकते हैं।
अपर जिला जज सचिव द्वारा जेलर जिला कारागार अम्बेडकरनगर को निर्देशित किया गया कि यदि बीएनएसएस 479 से सम्बन्धित कोई भी विचाराधीन बन्दी जिला कारागार अम्बेडकरनगर में बन्द है एवं ऐसे बन्दी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है परन्तु वह जमानतदार के अभाव में कारागार से रिहा नहीं हो पा रहा है तो उसकी सूचना से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर को समय-समय पर अवगत करायें, तथा जिन बन्दियों की अपील उच्च न्यायालय योजित की जानी है उनकी अपील ससमय करवाना सुनिश्चित करें।
इसके अलावा साथी अभियान के अन्तर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर में साथी समिति के सदस्यों के साथ बैठक की गयी। बैठक में अपर जिला जज / सचिव ने इस अभियान के महत्व और सार्थकता पर प्रकाश डालते हुये बताया गया कि साधी अभियान का मुख्य उद्देश्य बेसहारा बच्चों को कानूनी पहचान प्रदान करना और सामाजिक कल्याण तक पहुँच को सुगम बनाना है। सड़कों पर या देखभाल गृहों में रहने वाले ऐसे कई बच्चों के पास आधार नहीं है, जो सरकारी लाभ, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विभिन्न बाल कल्याण कानूनों के तहत सुरक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। अपर जिला जज / सचिव द्वारा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी बच्चा विधिक पहचान या अधिकारों एवं हकों तक पहुंच में बंचित न रह जाए। बैठक में जनपद अम्बेडकरनगर में गठित साथी समिति में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास इकाई तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया गया।