महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। डेरा सच्चा सौदा, सिरसा के समर्पित अनुयायी श्री राधेश्याम इन्सां ने 15 जून 2025 को इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। जीवनभर मानवता की सेवा और त्याग में लीन रहे राधेश्याम इन्सां ने अपने निधन के बाद भी एक महान कार्य कर समाज को नई दिशा दी — उन्होंने अपने पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च हेतु दान कर दिया।
पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से, उनके पुत्र अनित इन्सां ने अपने पिता की अंतिम इच्छा का पालन करते हुए 16 जून 2025 को यह पावन कार्य संपन्न किया। इस निर्णय ने न केवल परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि समाज के सामने इंसानियत और सेवा का एक उच्च आदर्श भी प्रस्तुत किया। मूल रूप से गांव बड़ा रमना, अयोध्या के निवासी राधेश्याम इन्सां पिछले कुछ वर्षों से रानोपली फौजी कॉलोनी, पुलिस चौकी के पीछे रह रहे थे। वे डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई कार्यों में सदैव सक्रिय रहते थे। उन्होंने कई बार अंगदान, रक्तदान, वृक्षारोपण, नशा मुक्ति जैसे अभियानों में भाग लेकर समाज को प्रेरित किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि राधेश्याम इन्सां न केवल सच्चे और सरल स्वभाव के धनी थे, बल्कि उन्होंने अपने कार्यों से समाज में अमिट छाप छोड़ी। अंतिम विदाई के समय पूरे क्षेत्र में भावुकता का माहौल रहा, परंतु सभी ने गर्व से कहा कि वो भले ही चले गए, लेकिन एक प्रेरणास्रोत बनकर हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। डेरा सच्चा सौदा परिवार और स्थानीय समाज की ओर से उन्हें शत-शत नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि ऐसे महापुरुषों के जीवन से सीख लेकर हर व्यक्ति को इंसानियत के मार्ग पर चलना चाहिए।