लखनऊ उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के चलते बिजली की मांग ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। शनिवार 8 जून की रात को प्रदेश की पीक डिमांड 30,161 मेगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक इस साल की सबसे अधिक मांग रही। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि विद्युत विभाग ने इस बढ़ी हुई मांग को बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरा किया।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बीते वर्ष प्रदेश में अधिकतम बिजली की मांग 30,618 मेगावाट रही थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 32,000 मेगावाट से भी ऊपर जा सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त तैयारियाँ कर ली गई हैं और बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए विभाग सतर्क है।शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक बिजली के प्रयोग से बचें और जिम्मेदार उपभोक्ता बनें, जिससे बिजली व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है और विभाग के सभी कर्मचारी सेवा के लिए सजग और तत्पर हैं।ऊर्जा मंत्री ने विभागीय कर्मियों को निर्देशित किया है कि बिजली आपूर्ति में कोई भी व्यवधान आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। ट्रांसफार्मर की खराबी की स्थिति में उसे तय समयसीमा में बदला जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति सुचारु रहे, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुरक्षण कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति अनावश्यक रूप से बाधित न की जाए और शटडाउन का समय इस प्रकार निर्धारित किया जाए जिससे गर्मी में जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।ऊर्जा मंत्री के इन निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर निगरानी और सुधारात्मक कदम तेज़ कर दिए गए हैं ताकि प्रदेशभर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।