*बहराइच के दो शिक्षक साहित्यकार पी के प्रचण्ड व रईस सिद्दीकी बहराइची सम्मानित किए गए।*
कैफ़ी आज़मी अकादमी, पेपर मिल कॉलोनी, निशातगंज, लखनऊ में “परवाज़” के वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित कवियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा “परवाज़” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग तीन दर्जन कवियों और शिक्षकों ने भाग लिया और अपने कलाम से महफ़िल को महका दिया।
कार्यक्रम के संयोजक अदील मंसूरी ने बताया कि “परवाज़” की नींव कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा विभाग के तहत ऑनलाइन रखी गई थी, और आज यह कार्यक्रम ऑफलाइन रूप में सफलता के साथ जारी है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ललिता प्रदीप (अतिरिक्त निदेशक, शिक्षा विभाग) ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से शिक्षकों का उत्साहवर्धन होता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे वे साहित्य और संस्कृति से जुड़ें।
इंटीग्रल विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर सैयद नदीम अख़्तर ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान आवश्यक है, परंतु उससे भी अधिक आवश्यक यह है कि शिक्षक अध्यापन से पूर्व पूर्ण तैयारी करें, ताकि विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा एवं प्राचार्य, डाइट लखनऊ, अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नए विचारों को जन्म देते हैं और समाज में जागरूकता लाते हैं। उन्होंने शिक्षकों की काव्यात्मक अभिरुचि की सराहना की और कहा कि ऐसी सोच समाज को बेहतर दिशा देती है।
सहायक निदेशक शिक्षा, अब्दुल मुबीन ने “परवाज़” की स्थापना की कहानी सुनाते हुए बताया कि यह कार्यक्रम जनार्दन पांडेय, मंसूर अहमद, अदील मंसूरी और अन्य साथियों के प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने कोरोना के कठिन समय में भी इस कारवाँ को आगे बढ़ाया। उन्होंने सभी आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ख़लील अहसन ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उन्होंने भी अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत एक उर्दू शिक्षक के रूप में की थी, और आज इस कार्यक्रम को भाषा और साहित्य के संवर्धन में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई दी और कार्यक्रम की सफलता पर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बहराइच से आमंत्रित शिक्षक कवि पी के प्रचण्ड व शायर रईस सिद्दीकी को शाल मेमोंटो प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आखिर मुशायरे में जिन प्रतिष्ठित कवियों ने अपने कलाम पेश किए और सम्मान प्राप्त किया, उनके नाम निम्नलिखित हैं:, ख़लील अहसन, शकील गयावी, अज़्म गोंडवी, ओवैस अंसारी, ख़ुश्तर रहमानी, इशरत सग़ीर,साबिर जौहरी, महमूदुल हक़, सुनील वर्मा, सुनील आनंद, मनोज कुमार, यासीन मंसूरी, भोपाल वर्मा, फ़ारूक़ आदिल, क़य्यूम अंसारी, बीना शर्मा, रुकैया अब्बासी, हिना नाज़, अफीफ़ा क़ुरैशी, आराधना सिंह, शहनाज़ बानो, इमरान अलीआ बादी, रईस सिद्दीकी, पी.के. प्रचंड, जनार्दन पांडेय, मंसूर अहमद, अदील मंसूरी और इक़बाल अक़रम वारसी।इस अवसर पर डा सय्यद मोहम्मद सबीह, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद हस्सान,आफाक अली फजील अहमद खां के अतिरिक्त अन्य गण व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में सय्यद ज़फ़र इक़बाल ने सभी गणमान्य अतिथियों और महफ़िल के सहभागी जन का आभार व्यक्त करते हुए समारोह की सफलता पर प्रसन्नता प्रकट की।