उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री नव्व केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ग्राम्य विकास विभाग और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।उन्होंने कहा कि नई खाद्य प्रसंस्करण नीति का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इससे जुड़कर लाभ उठा सकें। इससे न केवल किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग कार्यों से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नवरात्रि में कम से कम नौ इनक्यूबेशन सेंटर चालू किए जाएं और वहां सभी आवश्यक उपकरणों और विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए लाभार्थियों के सर्वे की प्रक्रिया तेज की जाए और इसे 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए कि अमृत सरोवर योजना के तहत निर्मित जलाशय पानी से भरे होने चाहिए और उनका उपयोग जनहित में किया जाए।उन्होंने महिला सामर्थ्य योजना के तहत मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एफडीआर तकनीक से बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए संबंधित ठेकेदारों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग नव्व बी.एल. मीणा, सचिव/आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग नव्व जी.एस. प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्रीमती दीपा रंजन, यूपी आरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नव्व अखंड प्रताप सिंह, निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग नव्व विजय बहादुर द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।