बस्ती: कृषि विभाग जिले के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है। नेशनल मिशन फॉर नैचुरल फॉर्मिंग के लिए अप्रैल से विभाग काम शुरू करेगा। अभियान के तहत सभी ब्लाकों से किसानों का चयन कर क्लस्टर तैयार किया जाएगा। उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन विभाग मुहैया कराएगा। नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग के तहत जनपद में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दस कलस्टर विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक कलस्टर 50 हेक्टेयर का होगा उसमें 125 किसानों को शामिल किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के जनपद में 10 कलस्टर विकसित करने की कार्य योजना पास की गई। इसे दो वर्ष में पूरे किए जाएंगे। यह योजना सभी विकासखंड में संचालित की जाएगी। नेचुरल फार्मिंग योजना के अंतर्गत किसानों को गो आधारित खेती करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। उनके उत्पादों का सर्टिफिकेशन कराने के साथ ही मार्केटिंग की व्यवस्था भी कराई जाएगी। इस योजना में उन्हीं किसानों का चयन किया जाएगा जिनके पास देसी गाय होगी। गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए विभाग किसानों का क्लस्टर बनाकर जोड़ेगा। क्लस्टर गठन की रिपोर्ट विभाग राज्य कृषि निदेशालय को भेजेगा। वहां से प्रशिक्षण और संसाधन का बजट जारी किया जाएगा।
रासायनिक दुष्प्रभावों को रोकने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
रासायनिक दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा देने की मुहिम चलाई जा रही है। नेशनल मिशन फॉर नैचुरल फार्मिंग के तहत चयनित विकास खंडों के गांवों में संख्या के हिसाब किसानों का क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। सभी को शासन की तरफ से गाय आधारित खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गाय के गोबर और गोमूत्र से खाद बनाने के उपकरण भी क्लस्टर में शामिल किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशिक्षण, संसाधन आदि का प्रबंध कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाएगा।