आईआईटी मेंस परीक्षा 98.6%रैंक लाकर किया विद्यालय का नाम रोशन,नगर पंचायत में जगह-जगह फूल मालाओं से हुआ स्वागत

अक्सर जिस उम्र में बच्चे खेलने कूदने में मन लगाते हैं उसी उम्र में मेधावी बच्चों अपनी प्रतिभा से पूरे विश्व को लोहा मनवाने में लगे हैं। ताजा मामला शिक्षा क्षेत्र रूधौली अंतर्गत छात्ररत जयशंकर पाण्डेय ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भी जिसे कहते हैं अपनी काबिलियत के बल पर नया मुकाम हासिल किया है।आईआईटी जेईई मेंस 2025 में परीक्षा का परिणाम जारी हो गया है पूर्वांचल के बस्ती जनपद में स्थित प्रेक्सिस विद्यापीठ शाखा रूधौली में अध्यनरत छात्र जयशंकर पुत्र अरुण कुमार पाण्डेय ग्राम गिधार रूधौली क्षेत्र के निवासी ने परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता अर्जित कर विद्यालय व जनपद का नाम रोशन किया है। इसके पहले पिछले वर्ष वर्ष 2024 में भी 93% के साथ उत्तीर्ण कर महारथ हासिल की थी लेकिन अपनी संतुष्टि की वजह से वर्ष 2025 में फिर से प्रतिभाग़ करते हुए 98.6 प्रतिशत मिलकर जनपद में प्रथम स्थान हासिल किया जिसकी सम्मान में प्रैक्सिस विद्यापीठ परिवार के अलावा नगर पंचायत रुधौली की जनता ने सम्मान में फूल माला व मिठाई खिलाकर स्वागत किया परिणाम की परीक्षा घोषित होने के बाद ही विद्यार्थी जयशंकर को गाजे बाजे के साथ जगह-जगह माला पहनकर अभिनंदन किया गया जिसमें शिक्षण संस्थान की विशेष भूमिकारही।
इस प्रकरण में अध्यनरत छात्र जयशंकर पाण्डेय से जब वार्ता की गई उन्होंने बताया कि विद्यालय के प्रबंधक सुशांत कुमार पाण्डेय के कुशल मार्गदर्शन की बदौलत आज इस मुकाम को हासिल किया। जयशंकर ने बताया कि प्रतिभा संसाधनों का मोहताज नहीं होती अक्सर विद्यालय में विनम्रतापूर्वक अध्ययन कर विगत कई वर्षों से विद्यालय में पहला स्थान लाकर अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया।जयशंकर ने भावुक होते हुए बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण प्रयागराज दिल्ली कोटा जैसे अन्य संस्थाओं में अध्ययन करने का मौका नहीं मिला फिर भी अध्यापकों की मदद व अपने मां-बाप कुशल मार्गदर्शन के चलते स्वाध्याय की बदौलत इस कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पास किया। जिसके लिए आज क्षेत्र की जनता ने बृहद तरीके से स्वागत और सम्मान देकर मुझे पुरस्कृत किया जिसका पूरे जीवन भर में आभारी रहूंगा। प्रभारी निरीक्षक रुधौली विजय कुमार दुबे ने थाना कोतवाली रूधौली के द्वार पर फूल माला पहनकर और अपना कलम उपहार स्वरूप देकर जो सम्मान दिया है वह मेरी जिंदगी का बेहद खास पल रहा। इसके अलावा भी संयुक्त विकास आयुक्त जनपद गोंडा ने भी कुशल मार्गदर्शन करते हुए अपना आशीर्वाद प्रेषित किया जिससे मुझे काफी उत्साह मिला।

आईआईटी मेंस उत्तीर्ण छात्र ने कहा कि आत्मविश्वास के साथ परीक्षा करने से कोई भी मंजिल आसान हो जाती है परीक्षा की तैयारी में हमें कोई कठिनाई नहीं हुई मुझे अपने आप पर पूरा विश्वास था कि मैं यह कर पाऊंगा पढ़ाई के लिए माता-पिता व गुरुजनो का लगातार आशीर्वाद मिलने की वजह से यह संभव हुआ कोई भी छात्र कठिन परिश्रम के चलते जिंदगी में असामान्य से सामान्य चीज प्राप्त कर सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि जयशंकर अक्सर विद्यालय में कठिन मेहनत कर खुद छात्र-छात्राओं की मदद कर अपनी उपयोगिता दिखाई थी।

विद्यालय के डायरेक्टर सुशांत कुमार पाण्डेय ने जयशंकर को उपहार व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे ही होनहार छात्र-छात्राओं की बदौलत आज विद्यालय लगातार ने मुकाम को हासिल कर रहा है यहां पर अध्यनरत छात्र-छात्राओं ने देश-विदेश में अपनी शिक्षा के माध्यम से विद्यालय का नाम रोशन किया है। साथ ही साथ यह भी कहा कि प्रसिद्ध हिंदी कवि लेखक सोहनलाल द्विवेदी द्वारा रचित एक कविता जो अक्सर जीवन को एक नई दिशा प्रदान करती हैं उसी से प्रत्येक बच्चों को सीख कर आगे बढ़ना चाहिए जिसकी चर्चा अपने उन प्रत्येक बच्चों से करते हैं जो किसी बिंदु पर कमजोर होते हैं।
*लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती*
*कोशिश करने वालों की हार नहीं होती*
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जाकर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

सफलता यदि संसाधन के अभाव में, संघर्ष करते हुए मिली हो तो उसे चखने का मजा दोगुना हो जाता है साथ ही साथ एक स्वयं में विश्वाश जागृत करती है । एक किसान को अपने लहलहाते हुए खेतों को देखकर जो अभिन्न अद्वितीय अनुभूति होती है ठीक उसी प्रकार एक शिक्षक को अपने विद्यार्थी के सफलता पर खुशी होती है।

डायरेक्टर सुशांत पाण्डेय ने अभिभावकों से एक अपील करते हुए कहा कि आप सभी अभिभावकों और बच्चों से की जिंदगी में सिर्फ इंजीनियरिंग या मेडिकल या आईएएस बनना ही सफलता का मानक नहीं है आपका काम है प्रयास करना यदि उसमें सफलता नहीं मिली तो अपना प्रयास में रोकिए ईश्वर ने आपको किसी और बड़े कार्य के लिए भेजा है नहीं तो जो पायलट बन कर एक दो जहाज उड़ाने के नाम से जाने जाते वो इस परीक्षा में फेल हो गए ऐसे महान स्व अब्दुल कलाम साहब बाद में विश्व के कई जहाजों को आकाश में भेजने और मिसाइल मैंन के नाम से विश्व प्रसिद्ध हुए।