बस्ती:जनवरी महीने के 31 दिनों में 47 हादसों में 28 लोगों की मृत्यु के आंकड़े खुद इसकी पुष्टि कर रहे हैं, कि इसमें 70 फीसदी हादसों का कारण ओवरस्पीड, बिना हेलमेट और विपरीत दिशा में वाहन को चलाने पर घटनाएं सामने आई हैं। बीते माह 47 हादसों में सर्वाधिक 35 हादसे अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन पर हुए हैं। सड़क पर निकलने के बाद शार्टकट या फिर जान बूझकर विपरीत दिशा में चलने से होने वाले हादसों की संख्या ज्यादा है। यातायात नियमों को लेकर पुलिस प्रशासन या प्रशासन चाहे लाख प्रयास कर ले, लेकिन इसका केवल पालन केवल जागरूक वाहन चालक ही कर रहे है। वहीं युवा वर्ग के कई युवाओं में ओवर स्पीड और विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने वालों को पुलिस का भी खौफ नहीं रहता है। पुलिस चालान करती है लेकिन गलती करने वालों को कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। जनवरी में ही 31 दिन में बिना हेलमेट के 2099 व बिना सीट बेल्ट के 83, जबकि ईयर फोन लगाकर बाइक चलाने के मामले में 20 का चालान किया गया। वहीं ओवरस्पीड में 150 से ज्यादा का चालान करने के बावजूद बीते जनवरी में 34 हादसे हुए। ओवर स्पीड और हेलमेट न लगाने से इस माह में सात युवाओं की जान चली गई, घटना के समय हेलमेट न लगने के चलते सड़क हादसे मे सिर में चोट लगना इनकी मौत का कारण बना। इस दौरान 10 ऐसे हादसे भी हुए जिसमें आमने-सामने बाइक भिड़ी इसमें दूसरे बाइक चालक ने जागरूकता दिखाते हुए हेलमेट पहनने से घटना में वह मामूली रूप से घायल हुए। वहीं जागरूकता के साथ यातायात पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बीते माह में 2352 वाहनों का चालान कर 201 वाहनों से शमन शुल्क के रूप में दो लाख 31 हजार रुपये वसूल किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नियमों का पालन किया जाए तो सड़क हादसों में मौत और घायलों की संख्या में कमी आ सकती है। हालांकि इस काम के लिए नियमों का सख्ती से लागू होना भी जरुरी है।–
सड़क हादसे में कमी लाने के लिए आरटीओ व यातायात पुलिस संयुक्त रूप से जागरुकतर अभियान चला रही है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की भी जा रही है।सड़क हादसों पर नियत्रंण के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। हाइवे पर चिंहित किए गए ब्लैक स्पाट बंद किए जाएंगे। डायल 112 की भी मदद ली जा रही है। ट्रैफिक नियमों का पालन कानून से बचने के लिए नहीं बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए करना चाहिए।