अथर्वेद कथा का भब्य उद्घाटन*-आचार्य सुरेश जोशी

🕉️ *ओ३म्*🕉️
*अथर्वेद कथा का भब्य उद् घाटन*
प्रतिवर्ष आर्य समाज मंदिर सैजपुर वोघा अहमदाबाद में 📚 माह दिसंबर में पावन वेदकथा 📚 होती है। अब तक *ऋग्वेद ,यजुर्वेद,सामवेद की कथा* हो चुकी है। ये कथाएं हमारे यू ट्यूब चैनल *आचार्य वेदवाणी*पर अपलोड हो चुकी हैं।आप सपरिवार वेदकथा का आनन्द ले सकते हैं। इस वर्ष 🔥अथर्वेद कथा एक दिसंबर से ३१ दिसंबर तक🔥 चलेगी। प्रतिदिन प्रात:काल हमारे यू ट्यूब चैनल आचार्य वेद वाणी पर इसका लाइव प्रसारण होगा!
🌹वेद कथा उद्घाटन🌹
एक दिसंबर सायंकालीन सभा में रविवार के दिन आर्य समाज के संरक्षक आदरणीय *हरिभाई जी* द्वारा अथर्वेद के मंत्र की प्रतिलिपि श्रोताओं को वितरित जायेगी।माह के अंतिम सप्ताह में *अथर्वेद की मौखिक परीक्षा* होगी।उत्तीर्ण श्रोताओं को *प्रथम, द्वितीय , तृतीय एवं सांतवना पुरुष्कार* प्रदान किये जायेंगे!
🔥 *प्रतिष्ठित यजमान*🔥
*[१] आर्य पुत्री दीपा डलवाणी।*
*[२] आर्य पुत्र वेद*
*कुमार डलवाणी!*

🍁अतिथि श्रोता
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आर्य समाज कुबेर नगर,ग्राम नरोड़ा,युगुलकुंज सोसाइटी,वैकुंठ विहार के वैदिक श्रोता गण प्रतिदिन आर्य समाज मंदिर सैजपुर में प्रात:कालीन सभा में उपस्थित रहकर अथवा हमारे यू ट्यूब चैनल *आचार्य वेदवाणी* पर लाइव सुनकर भी ३१ दिसंबर २०२४ को आर्य समाज मंदिर सैजपुर में परीक्षा में सायंकालीन सभा में उपस्थित रहकर परीक्षा दे सकते हैं।
*क्या है वेदकथा?*
वेद ईश्वर की कल्याणी वाणी एवं सृटि का संविधान जो मानव मात्र के लिए है।वेद कथा सुनने वाले *हिंदू,मुसलमान,सिक्ख,ईसाई,यहूदी,जैनी,बौद्धिष्ठ,पारसी,अंग्रेज, वामपंथी* न होकर केवल 🌻 *मानव*🌻 कहलाते हैं।
यद्पि सभी चाहते हैं कि *मानव मानव बन जाए* मगर बिना 📚 वेदज्ञान के मानव बनना 📚 संभव नहीं है। इस्लाम में केवल मुसमान ही अल्ला के नेक बंदे हैं बांकी सब *काफिर* हैं।बायबिल में *पाप होते ही नहीं क्योंकि सबके पापों को लेकर पहले ही शूली पर चढ़ चुका है* अर्थात् पाप करने की छूट है। हिंदुओं मे जितने पुराण हैं उतने सृष्टि रचियता है। *शिव पुराण के अनुसार सृष्टि उत्पत्ति शिवजी तो,विष्णु पुराण में सृष्टि उत्पत्ति विष्णु भगवान तो देवी भागवत् पूराण में देबी मां सृष्टि उत्पत्ति करती हैं।कहीं अवतार वाद तो कहीं चमत्कार वाद* ने हिंदू मत को विकृत किया है।
केवल *सत्य सनातन वैदिक धर्म* ही एक मात्र धर्म है जो *काल्पनिक स्वर्ग,जन्नत,अवतार वाद,फरिश्तों की कहानी,दोजख* से बचाकर मनुष्य को केवल मनुष्य बनाने की शिक्षा देते हैं।वैदिक धर्म शुद्ध वैज्ञानिक धर्म है।तर्क की कसौटी पर खरा उतरता है। ईश्वर एक है।धर्म एक है।धर्म ग्रंथ एक है।अभिवादन एक है।सृष्टि की एक संस्कृति ,सभ्यता व भाषा भी एक है।सत्य सनातन वैदिक धर्म को अपनाये बिना *मानव व मानवता* दोनों अधूरी है।जिस दिन सारा विश्व *वेदज्ञान* को अपना लेगा सारा विश्व *सुख,शांति आनन्द* को उपलब्ध हो जायेगा।महाभारत से पूर्व सारा विश्व इसी पथ पर चलता था तब हमारा *चक्रवर्ती* राज्य था।
*आयेंगे खत अरब से उसमें लिखा ये होगा!*
*गुरुकुल का ब्रह्मचारी तहलका मचा रहा है।*
🪔 *ओ३म् *🪔
आचार्य सुरेश जोशी
*प्रवासीय कार्यालय*
आर्य समाज मंदिर
सैजपुर बोघा अहमदाबाद[ गुजरात]