लखनऊ विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर लखनऊ के द सेन्ट्रम होटल में शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्ञान कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। इस कार्यशाला का शुभारंभ केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय के राज्यमंत्री तोखन साहू, प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरू’, और भारत में अमेरिकी राजदूत एच.ई. एरिक गार्सेटी ने दीप जलाकर किया।
कार्यशाला में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय के मंत्री मनोहर लाल जी ने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि सभी राज्य सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, रखरखाव और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देंगे, और लोगों को इनका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए प्रयासों की सराहना की और शहरी क्षेत्रों में शौचालय की स्वच्छता और जल प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता का जिक्र किया और बताया कि अब देश खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। उन्होंने स्वच्छता को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में पेश किया और इसे स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सम्मान से जोड़ा।प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लाखों शौचालयों का निर्माण हुआ है, और अब सफाई कर्मियों को उनके कार्यों का पूरा सम्मान मिल रहा है। उन्होंने लखनऊ की स्वच्छता को भी सराहा और महाकुंभ 2025 के आयोजन में सफाई की विशेष व्यवस्था की बात की।कार्यशाला में विभिन्न शहरी विकास योजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें कूड़ा प्रबंधन, जल पुनर्चक्रण और शहरी स्वच्छता को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं। इसके अलावा, कार्यशाला में सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों के डिज़ाइन और रखरखाव पर प्रकाश डाला गया।इस अवसर पर भारत सरकार के शहरी कार्य मंत्रालय और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बीच दो एमओयू भी साइन हुए, जिनमें एक पीपीपी मॉडल पर कम्यूनिटी टॉयलेट बनाने और दूसरा शहरी क्षेत्रों में शुलभ इंटरनेशनल टॉयलेट बनाने से संबंधित था।कार्यशाला का उद्देश्य स्वच्छता संकट से निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई को प्रेरित करना और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से प्रबंधित स्वच्छता प्रणालियों को बढ़ावा देना है।