बस्ती। सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर निवासी एक महिला ने मेडिकल कालेज की चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली के महिला वार्ड के स्टाफ पर मरीज का इलाज करने से मना कर देने, दर्द के बाद अपनी बेटी हास्पिटल के बाथरूम में के गले में रस्सी का फंदा डालकर जान दे देने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस मामले में कोर्ट के आदेश पर महिला वार्ड के स्टाप नाम पता अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही है।
सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर निवासी सुशीला देवी उम्र 55 साल पत्नी सत्यनरायण के अनुसार उसकी पुत्री राधना को आंत के आपरेशन के लिए लखनऊ में भर्ती कराया गया था। आपरेशन होने के बाद 18 सितम्बर को उसकी पुत्री डिसचार्ज होने के बाद अपने घर चली आई।19 सितम्बर को दिन मे करीब 2 बजे उसकी पुत्री के पेट मे दर्द होने के कारण उसे कैली अस्पताल ले जाया गया, वहा सूई दवा देकर उसे महिला वार्ड मे शिफ्ट कर दिया गया। उसी दिन लगभग 5 बजे उसकी बेटी के पेट मे काफी दर्द होने के कारण वार्ड मे तैनात मेडिकल स्टाप से इलाज के लिए कहा गया, लेकिन मेडिकल स्टाफ नेयह कहते हुए इलाज करने से मना कर दिया कि यह मेरा केस नही है, जो डाक्टर जांच किये है वही देखेगे। उसकी पुत्री का इलाज न करने से असहनीय दर्द के बाद उसकी पुत्री ने हास्पिटल के बाथरुम मे अपने गले मे रस्सी का फन्दा लगा कर जान दे दिया। मामले में कोर्ट के आदेश पर अज्ञात मेडिकल स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।