आकाश में गूंजे आर्यों के जय घोष

🐎 *ओ३म्* 🐎

📢आकाश में गूंजे आर्यों के जय घोष📢

आर्य समाज मंडव बस्ती में *आर्य समाज न ई बाजार सूर्ती हट्टा बस्ती के ५१ वें वार्षिकोत्सव की भव्य तैयारी का आज ग्यारहवां(११) दिन था* जिसमें तीन सत्रों में कार्यक्रम चला !

🌹 *प्रथम सत्र* 🌹

प्रथम सत्र प्रभात यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। जिसमें स्वामी दयानन्द विद्यालय के *अर्वाचीन व प्राचीन* छात्र /छात्राओं ने *गगन भेदी नारों* से रेलवे कालोनी के परिवारों को मंत्रमुग्ध किया एवं प्रेरित किया।

इसी अवसर पर रेलवे कालोनी परिसर में *बस्ती प्रेस क्लब के अध्यक्ष पत्रकार विनोद उपाध्याय* जी ने 🍁 महर्षि दयानन्द सरस्वती /आर्य समाज व सत्य सनातन वैदिक धर्म पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए कहा🍁 *यदि आर्य समाज नही होता तो आज न हिंदू होता न हिंदी होती!* अत: प्रत्येक हिंदू संगठनों से अनुरोध है की दिनांक ५अक्टूबर से दिनांक ८अक्टूबर तक चलने वाले *वार्षिकोत्सव पर समस्त हिंदू परिवार तन-मन-धन से आर्य समाज के कार्यक्रम में प्रतिभाग व सहयोग करे!*

इस प्रभात यात्रा कार्यक्रम में प्रतिदिन आर्य समाज न ई बाजार सूर्ती हट्टा के वरिष्ठ पदाधिकारी आदरणीय *श्री राजेन्द्र जैसवाल जी एवं श्री दिलीप कसोधन जी* आर्य वीर/वीरांगनाओं का उत्साह वर्धन करते हैं।

🌹 *द्वितीय सत्र* 🌹

द्वितीय सत्र आर्य समाज लालगंज के वरिष्ठ सदस्य संतोष जी के आवास महादेवा में 🔥 यज्ञ-सत्संग-भजन🔥 के रुप में मनाया गया। बाराबंकी से पधारी वैदिक विदुषी पंडिता रुक्मिणी देवी ने बताया कि *शारीरिक विकास तो पशु भी करते हैं मनुष्य वही है जो अपनी शारीरिक,आत्मिक व सामाजिक उन्नति भी साथ में करे!* इसके लिए उन्होने बताया कि संध्या,योग,यज्ञ परोपकार ही एक मात्र साधन है।

इस अवसर पर आर्य समाज लालगंज के युवा प्रधान आदरणीय *गिरिजा शंकर दूबे* जी ने कहा कि दिनांक पांच अक्टूबर की शोभा यात्रा में *आर्य समाज लालगंज अपने ओ३म् ध्वज व वैनर के साथ* भारी संख्या में उपस्थित होगा!

🌹 *तृतीय सत्र*🌹

शिव श्याम जी की अध्यक्षता में सूर्ती हट्टा के *शिव मंदिर* में शिव चर्चा हुई। महर्षि अग्निष्वात् के पुत्र योगेश्वर शिव हिमांचल के महान प्रतापी,धर्मात्मा राजा थे।कैलास उनकी राजधानी थे।महान याज्ञिक थे। *त्रिशूल उनका आत्मरक्षक शस्त्र* था।नान्दी उनके राज्य का सिंबल था कृषि मुख्य व्यवसाय था। अपने समय के *दुर्दांत आतंकवादी भस्मासुर का वध* करके कैलाश वासियों को निर्भय बनाया था। एक निराकार ईश्वर *ओ३म् की उपासना* करते थे।भगवान शंकर के सच्चे इतिहास को जानकर श्रोतागण लाभांवित हुए।

आचार्य सुरेश जोशी

*प्रवासीय कार्यालय*

आर्य निवास राजा बाजार उ० प्र०🪔🪔