मुंबई भारत एक एक एतिहासिक महानगर है। इसके क ई नाम हैं। माया नगरी,भारत की आर्थिक राजधानी, पुण्यनगरी आदि।
🥣 *माया नगरी*🥣
लोग माया नगरी का अर्थ लगाते हैं कि जो मुंबई के निवासी हैं या जो मुंबई में प्रवास करते हैं या जो भी मुंबई जाता है वो माया के चक्कर में पड़ जाता है वो माया जाल में फंसा रहता है। वास्तव में ये एक भ्रम है उस भ्रम का कारण है *माया का अर्थ* न जानना।माया का एकांशी अर्थ धन भी है परंतु *माया का शुद्ध अर्थ है प्रकृति* वास्तव में मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य किसी हिमाचल व कश्मीर से कम नहीं हैं।इसे नगर को प्रकृति व मानव दोनों ने तरासा है। जहां एक और समुद्र की विशाल तरंगें ज्वार भाटा की आभा निखारती हैं वहीं 🐘 एलीफेंटा गुफाएं। पत्थरों की नक्काशी। बोलते पत्थरों की शिल्पकला तो कहीं अटल सेतु तो कहीं तारामंडल तो कहीं सागर विहार तो कहीं नवी मुंबई देखते बनता है। समुद्र व पहाड़ों का अद्भुत संगम है यही प्रकृति का सौंदर्य इसे *माया नगरी यानि प्रकृति की नगरी* बनाती है।
🥣 *आर्थिक राजधानी*🥣
विशाल फिल्म उद्योग।भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र। गेटवे ऑफ इंडिया।अपार रोजगार परक केंद्र। सुपर स्टार लाइफ स्टाइल।अहर्निश परिश्रमी मानव। चरैवेति -चरैवेति का संदेश देता रेलमंत्री, एयरपोर्ट इसे *आर्थिक राजधानी मुंबई* की पदवी प्रदान करते हैं।
🥣 *पुण्य नगरी*🥣
यह केवल माया, आर्थिक राजधानी ही नहीं पुण्य नगरी भी है। यहां अहर्निश *आध्यात्मिक गंगायें* विद्वानों द्वारा प्रवाहित होती हैं। अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार,प्रयाग की तरह यहां कंमडलधारी साधु नहीं घूमते मगर विश्व में जितने भी *मत-पंथ मजहब सम्प्रदाय मठ मंदिर* हैं सबके प्रधान कार्यालय यहां है। यहां आकर आप महर्षि दयानंद सरस्वती🪷प०केशव चंद्र सेन 🪷 राजाराम मोहन राय 🪷 महर्षि अरविन्द घोष 🪷 रवीन्द्र नाथ टैगोर 🪷 ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय 🪷 गायत्री परिवार, ईसाई 🪷 जैन🪷 बोद्ध🪷 पारसी🪷 जैसे संस्थानों के भव्य केंद्रीय कार्यालय एवं उनके शोध -संस्थानों का अवलोकन कर सकते हैं तथा इनके मजहबी प्रवचन, सत्संग अनवरत अनुशासित व व्यवस्थित रूप में देख सकते हैं। इसीलिए मुंबई को *पुण्य नगरी* भी कहा जाता है।
🌹 *पावन वेद कथा*🌹
आर्य समाज मंदिर वाशी सेक्टर -९अ नवी मुंबई द्वारा मुझे इस वर्ष *वेद कथा* के लिए आमंत्रित किया था। वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है इसी आधार पर मैंने वेद के जिन सत्य विद्याओं पर 🍁 वेद प्रवचन किए वो इस प्रकार थे।
[१] ब्रह्म शब्द के तीन उपदेश *ब्रह्मचर्य पालन+ वेदाध्ययन+ईश्वर उपासना*
[२] ईश्वर की सिद्धि।
[ ३] यज्ञ श्रेष्ठ कर्म है इसका प्रयोगात्मक रुप।
[४] ध्यान की वैदिक विधि।
[५] स्वर्ग कहां हैं?
[६] हिंदी है माथे की बिंदी।
🌸 *संहिता पाठ*🌸
इस अवसर पर *यजुर्वेद संहिता के कतिपय अध्यायों* का वाचन हुआ। मेरे साथ संगति करने वाले ऋत्विक आर्य विद्वानों में 🌸 पं० नागेश शर्मा 🌸 पं०योगेश पुरोहित 🌸 पं० महेश चंद्र उपाध्याय 🌸 पं० किशन लाल शास्त्री जी रहे।
🌻 श्रेष्ठ वैदिक गीत 🌻
इस अवसर पर आर्य जगत के ख्यातिप्राप्त *वैदिक भजनोपदेशक आदरणीय अशोक जी आचार्य* ग्वालियर मध्यप्रदेश के वैदिक भजनों ने लोगों को ईश्वर भक्ति व देश भक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत कर दिया।
🥝 हिंदी दिवस 🥝
आर्य समाज मंदिर वाशी द्वारा *हिंदी संवाद प्रतियोगिता, हिंदी के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती जी का अप्रतिम योगदान व हिंदी जन-जन के पहुंचे इस विषय पर हिंदी व्याख्यान माला भी की गई जिसमें हिन्दी के लिए काम करने वाली विभूतियों का भी अद्वितीय संगम रहा। वर्तमान में फिल्म जगत में भोजपुरी, नाट्य, फिल्म द्वारा हिन्दी के लिए काम करने वाले सुप्रसिद्ध *अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र* भी उपस्थित रहे।
🪵 मंच संचालन 🪵
आर्य समाज मंदिर वाशी के युवा मंत्री श्रीयुत देवेश गुप्त जी ने समस्त कार्यक्रमों का कुशल नेतृत्व किया।
🌻 आदर्श प्रधान 🌻
वर्तमान समय में आर्य समाज मंदिर वाशी के प्रधान *महाशय भीम जी भाई रुपाणी* एकदम रामायण के 🏵️ जामवंत 🏵️ की भूमिका में हैं।इतनी बढ़ती उम्र में वो युवाओं की तरह सक्रिय हैं जो वहां के लोगों के प्रेरणा स्त्रोत बन चुके हैं। आदरणीय प्रधान जी। *बिना रुके,बिना झुके,बिना थके* आर्य समाज को अपना जीवन दान दें रहे हैं। उनके अभिन्न मित्र व उपप्रधान आदरणीय * *डाक्टर जिले सिंह चौधरी* जी भीष्म पितामह की तरह प्रतिज्ञाबद्ध होकर ऋषि मिशन के प्रति समर्पित हैं। आदरणीय *राजीव गुप्ता* जी सर्वश्रेष्ठ स्वाध्याय शील आर्य हैं।
🌹 *आभार प्रस्तुति*🌹
अब मैं उन आर्य पुरुषों का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने मेरे साथ जो अवर्णनीय उपकार किया है।उनका उपकार अविस्मरणीय होगा।
🌻 *युवा पुरोहित*🌻
प्रियवर योगेश जी वर्तमान में आर्य समाज वाशी के युवा पुरोहित है।आप मुझे रात्रि ९ बजे कल्याण जंक्शन मुंबई पर लेने के लिए आये। रात्रि में लगभग दो घंटे की यात्रा मेरे साथ करके आर्य समाज मंदिर वाशी पहुंचे।
🌼 आर्य वीर प्रभात🌼
प्रियवर प्रभात आर्य समाज मंदिर वाशी के अंतरंग सदस्य थे।मेरी गाड़ी रात्रि १२.३० पर लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से थी जो आर्य समाज वाशी से आधे घंटे की दूरी पर था। प्रभात आर्य ने कहा सारी रात स्टेशन पर बैठना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।आप मेरे आवास पर चलो मैं आपको समय से स्टेशन छोड़ दुंगा।
आर्य समाज मंदिर वाशी से सायंकाल ४बजे मैं आर्य वीर प्रभात के आवास 🛩️ भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुम्बई 🛩️ पहुंचा। वहां पर रात्रि ११बजे तक विश्राम किया। इसी क्रम में प्रभात उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्वर्ण लता, पुत्र यश, पुत्री सौम्या ने मेरे साथ मिलकर *वैदिक संध्या व कतिपय शंका समाधान* किये।इसी क्रम में प्रभात जी ने मुझे 🪷 भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के परिक्षेत्र का अपने वाहन से भ्रमण भी कराया जो अविस्मरणीय है।उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्वर्ण लता जी ने मेरे रास्ते हेतु भी *सात्विक भोजन* बनाकर दिया और ठीक १२ बजे रात्रि में प्रियवर प्रभात जी अति प्रसन्नता पूर्वक मुझे लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई पहुंचाया और गाड़ी में बैठाकर ही प्रस्थान किया।जिस संस्था के युवाओं में *अपने विद्वानों के प्रति इतना समर्पण, बलिदान,प्रेम है* वो संस्था अवश्य ही दीर्घायु होती है। ईश्वर से प्रार्थना है प्रभात जी का परिणाम इसी तरह वैदिक मिशनरी के प्रति समर्पित रहे।
🍁 *छायाचित्र*🍁
आदरणीय सज्जनों आपके अवलोकनार्थ 🌹 यज्ञ, व्याख्यान वेदी, हिंदी दिवस एवं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र 🌹 के कतिपय छाया चित्र भी प्रेषित किए जा रहे हैं आप भी इन क्षणों का मानसिक आनंद प्राप्त कर सकें।इस प्रकार *चतुर्थ दिवसीय वेद कथा* एवं मुंबई यात्रा सम्पन्न हुई।
आचार्य सुरेश जोशी
*वैदिक प्रवक्ता*
🐿️ सचल कार्यालय 🐿️
कुसी नगर एक्सप्रेस
*ए-३ सीट संख्या- ५* समय प्रातः १०.१० दिनांक १६/९/२०२४
*बुढ़ानपुर मध्य प्रदेश*