बदलापुर यौन शौषण की जांच में बॉम्बे हाईकोर्ट असंतुष्ट,,,,,


अनुराग लक्ष्य, 6 सितंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
हमारा समाज कितना भी विकृत हो जाए, शैतानियत और हैवानियत कितनी भी आदमखोर हो जाए, लेकिन शुक्र है कि अभी इस देश में इंसाफ और कानून इस देश की जनता के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रही है।
खबर यह है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदलापुर यौन शौषण मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम एस आई टी को सलाह देते हुए कहा कि आप जल्दबाजी में आरोप पत्र दाखिल न करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि जनता के दबाव में काम न करें बल्कि सुनिश्चित करें कि जांच उचित और सही ढंग से हो। हम दिन परतीदिन देख रहे हैं कि जांच उचित तरीके से नहीं हो रही है। हमारा प्रयास है कि पुलिस के पास जाने वाले पक्ष को न्याय मिले।
आपको बताते चलें कि पिछले दिनों बदलापुर के जिस स्कूल में यौन उत्पीडन की घटना हुई थी, उसके दो ट्रस्टी फरार हैं। जस्टिस की पीठ ने केस डायरी देखने के बाद कहा कि केस डायरी का रखरखाव ठीक से नहीं किया गया है।
पीठ ने आगे यह भी कहा कि हम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में की गई जांच के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं। केस डायरी लेखन का उद्देश्य ही विफल हो गया है। जांच करने और केस डायरी लिखने का एक उचित तरीका होना चाहिए। आगे यह भी कहा कि हमें उम्मीद थी कि आप हमें बतलाएंगे कि मामले की जांच के लिए आपने क्या ठोस कदम उठाए हैं।