मेरे गीत

मेरे गीत

रचने

का उत्सव

लिए बनेंगे बीज

गिरेंगे मधुरिम

जगह

 

स्पंदना

अपना करेंगे

प्रेम के पग

भरेंगे मधुर

सदा

 

हममें

बहुत कुछ

एक सा है

प्रेम करना

सारा

 

मुझे

पसंद है

कान्हा के गीत

मेरे गीत

तुम्हें

एक सायली

डॉ अर्चना श्रेया